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आर्थिक मदद के लिए भटक रहा हैं गोताखोर
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:12 AM IST
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बागपत।
काठा गांव में नाव हादसे के समय कई लोगों की जान बचाने वाला गोताखोर शरीफ आर्थिक सहायता के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। उसने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
बागपत के पुराना कस्बा निवासी गोताखोर शरीफ पुत्र अब्दुल गनी ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। उसके सात बच्चे हैं और वह किराए के मकान में रह रहा है। वह हर समय बागपत पुलिस के तैयार रहता है। पुलिस किसी भी समय उसे बुलाकर ले जाती है। वह गोताखोरी के अलावा कोई अन्य मजदूर नहीं कर पाता। उसने पिछले वर्ष काठा गांव में यमुना नदी में हुए नाव हादसे के दौरान कई लोगों की जिंदगी बचाई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे सम्मानित भी किया था, लेकिन आज तक उसे आर्थिक सहायता नहीं दिलाई गई। उसने डीएम से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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काठा गांव में नाव हादसे के समय कई लोगों की जान बचाने वाला गोताखोर शरीफ आर्थिक सहायता के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। उसने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
बागपत के पुराना कस्बा निवासी गोताखोर शरीफ पुत्र अब्दुल गनी ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। उसके सात बच्चे हैं और वह किराए के मकान में रह रहा है। वह हर समय बागपत पुलिस के तैयार रहता है। पुलिस किसी भी समय उसे बुलाकर ले जाती है। वह गोताखोरी के अलावा कोई अन्य मजदूर नहीं कर पाता। उसने पिछले वर्ष काठा गांव में यमुना नदी में हुए नाव हादसे के दौरान कई लोगों की जिंदगी बचाई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे सम्मानित भी किया था, लेकिन आज तक उसे आर्थिक सहायता नहीं दिलाई गई। उसने डीएम से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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