{"_id":"5a09f72b4f1c1bec538bce99","slug":"71510602539-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रटौल में बुखार से सातवीं मौत, गम और गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रटौल में बुखार से सातवीं मौत, गम और गुस्सा
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जनपद में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रटौल गांव में बुखार का प्रकोप फैला है। रविवार को फिर से एक छात्र की बुखार से मौत हो गई। ग्रामीणों ने कहा गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाने और दवा का छिड़काव कराने की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंखें बंद किए बैठा हैं। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।
रटौल निवासी बिजेंद्र का बेटा अंकित (16) कक्षा 11 का छात्र था। वह पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। पहले उसका निजी चिकित्सक से इलाज कराया । हालत में सुधार न होने पर उसको गाजियाबाद के एक नर्सिंग होम में भर्ती करा। रविवार की रात में उसकी अचानक हालत ज्यादा बिगड़ गई । सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। परिजनों ने गमगीन माहौल में गांव में लाकर शव का अंतिम संस्कार किया। इससे पहले बुखार से पीड़ित छह मरीजों की मौत हो चुकी है। इनकी जान पिछले डेढ़ माह के अंदर गई है। गांव में दर्जनों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे बुखार से ग्रस्त हैं। इनमें अजय, इकरार, गुलिया, महाराज शामिल हैं। बुखार से लोग दहशत में है। अधिकांश परिजन अपने मरीजों का दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ में इलाज करा रहे हैं। उधर सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
स्वास्थ्य कैंप और फोगिंग
न होने पर लोगों का हंगामा
चांदीनगर (बागपत)। ग्रामीणों ने कहा बुखार से एक के बाद एक जान जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अंजान बना हुआ है। वे लगातार कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराने और कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराने की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में लोगों ने सोमवार को भी गांव में ही स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इसमें योगेंद्र, राजू, नरेंद्र, दीपेंद्र, सुशील, संजय, मोहित, मोनू और योगेश शामिल रहे।
विज्ञापन
हर रोज जिला अस्पताल में आ
रहे बुखार के 150-200 मरीज
बागपत। जिला अस्पताल में हर रोज 800-900 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 150-200 मरीज बुखार से ग्रस्त होते हैं। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने कहा बुखार का प्रकोप पहले से काफी कम हुआ है। ज्यादातर मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। इक्का-दुक्का मरीज मलेरिया से ग्रस्त मिल रहा है। उधर सीएचसी और पीएचसी में भी बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। बागपत सीएचसी में महिला सोनी निवासी अहेड़ा भर्ती है। जो पिछले कई दिन से बुखार से ग्रस्त थी। हालत में सुधार न होने पर परिजन सोमवार को अस्पताल में लेकर पहुंचे।
11 दिन बाद भी नहीं पहुंची डेंगू की जांच किट
बागपत। जिला अस्पताल में दो नवंबर को डेंगू की जांच किट खत्म हो गई । जो अभी तक अस्पताल में नहीं आई है। मरीजों की प्लेट लेट के आधार पर ही भर्ती और रेफर किया जा रहा है। सीएमएम ने कहा जल्द ही अस्पताल में डेंगू की जांच किट आ जाएगी।
विज्ञापन
रटौल निवासी बिजेंद्र का बेटा अंकित (16) कक्षा 11 का छात्र था। वह पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। पहले उसका निजी चिकित्सक से इलाज कराया । हालत में सुधार न होने पर उसको गाजियाबाद के एक नर्सिंग होम में भर्ती करा। रविवार की रात में उसकी अचानक हालत ज्यादा बिगड़ गई । सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। परिजनों ने गमगीन माहौल में गांव में लाकर शव का अंतिम संस्कार किया। इससे पहले बुखार से पीड़ित छह मरीजों की मौत हो चुकी है। इनकी जान पिछले डेढ़ माह के अंदर गई है। गांव में दर्जनों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे बुखार से ग्रस्त हैं। इनमें अजय, इकरार, गुलिया, महाराज शामिल हैं। बुखार से लोग दहशत में है। अधिकांश परिजन अपने मरीजों का दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ में इलाज करा रहे हैं। उधर सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य कैंप और फोगिंग
न होने पर लोगों का हंगामा
चांदीनगर (बागपत)। ग्रामीणों ने कहा बुखार से एक के बाद एक जान जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अंजान बना हुआ है। वे लगातार कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराने और कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराने की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में लोगों ने सोमवार को भी गांव में ही स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इसमें योगेंद्र, राजू, नरेंद्र, दीपेंद्र, सुशील, संजय, मोहित, मोनू और योगेश शामिल रहे।
विज्ञापन
हर रोज जिला अस्पताल में आ
रहे बुखार के 150-200 मरीज
बागपत। जिला अस्पताल में हर रोज 800-900 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 150-200 मरीज बुखार से ग्रस्त होते हैं। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने कहा बुखार का प्रकोप पहले से काफी कम हुआ है। ज्यादातर मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। इक्का-दुक्का मरीज मलेरिया से ग्रस्त मिल रहा है। उधर सीएचसी और पीएचसी में भी बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। बागपत सीएचसी में महिला सोनी निवासी अहेड़ा भर्ती है। जो पिछले कई दिन से बुखार से ग्रस्त थी। हालत में सुधार न होने पर परिजन सोमवार को अस्पताल में लेकर पहुंचे।
11 दिन बाद भी नहीं पहुंची डेंगू की जांच किट
बागपत। जिला अस्पताल में दो नवंबर को डेंगू की जांच किट खत्म हो गई । जो अभी तक अस्पताल में नहीं आई है। मरीजों की प्लेट लेट के आधार पर ही भर्ती और रेफर किया जा रहा है। सीएमएम ने कहा जल्द ही अस्पताल में डेंगू की जांच किट आ जाएगी।