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नियुक्तियों की जांच करेंगे महिला कल्याण के निदेशक
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:48 AM IST
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बागपत। जिले में समेकित बाल विकास योजना के तहत 2016 में हुई 11 नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायत की जांच के आदेश प्रदेश के संयुक्त सचिव अजय कुमार ने महिला कल्याण के निदेशक को दिए हैं। बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने इसकी शिकायत आयोग और शासन से की।
वर्ष 2016 में समेकित बाल विकास योजना (आईसीपीएस) के तहत जिले में 11 नियुक्तियां विभिन्न पदों पर हुई। बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि इसकी शिकायत आयोग और शासन से की । इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीएम को सभी नियुक्तियों को निरस्त करने के लिए तीन बार पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और शासन में नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव अजय कुमार सिंह ने महिला कल्याण निदेशक को सभी नियुक्तियों की जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। यह भी आदेश दिए है कि जांच करने पर शासन के साथ-साथ शिकायतकर्ता को भी इससे अवगत कराया जाए। पवन तिवारी ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और सामाजिक कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की थी। इसमें अनियमितता बरती गई है।
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वर्ष 2016 में समेकित बाल विकास योजना (आईसीपीएस) के तहत जिले में 11 नियुक्तियां विभिन्न पदों पर हुई। बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि इसकी शिकायत आयोग और शासन से की । इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीएम को सभी नियुक्तियों को निरस्त करने के लिए तीन बार पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और शासन में नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव अजय कुमार सिंह ने महिला कल्याण निदेशक को सभी नियुक्तियों की जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। यह भी आदेश दिए है कि जांच करने पर शासन के साथ-साथ शिकायतकर्ता को भी इससे अवगत कराया जाए। पवन तिवारी ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और सामाजिक कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की थी। इसमें अनियमितता बरती गई है।
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