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गणेश जी की आरती व प्रसाद वितरण कियो
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:15 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सराफा बाजार में महाराष्ट्र गणेश मंडल के सौजन्य से चल रहे गणेश महोत्सव में भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। इस मौके पर गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना कर प्रसाद बांटा।
धर्म सभा में पवन शास्त्री ने बताया किसी भी कार्य के आरंभ करने से पहले गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं। सूर्य की पूजा से सभी रोग दूर हो जाते हैं। विष्णु की पूजा करने से मन में पवित्रता आती है। किसी भी कार्य में गणेश की पूजा न करने से कार्य सिद्धि में बाधा आती है। समुद्र मंथन के समय गणेश जी की पूजा नहीं हुई । इससे देवता और दैत्य मंदरा चल पर्वत को ला रहे थे, तो वे उसके भार के नीचे आहत होकर नीचे दब गए थे। भगवान श्री हरि ने अपने करताल से उन्हें जीवित किया । इसके पश्चात पर्वत को समुद्र में डाल दिया तो देवता और दैत्य निराश होने लगे, उन्हें लगा अब सारा करा कराया चौपट हो गया है। इस बात को देखकर भगवान श्री हरि ने सोच लिया यह सब विघ्न श्री गणेश जी की है। हम लोगों ने भगवान श्री गणेश जी की पूजा न करने के कारण ही समस्या पैदा हुई है। सभी देवी देवताओं ने गणेश जी की पुजा की और उन्हें खुश किया । इसी प्रकार गणेश जी का नाम लेने से सभी बांधाए दूर हो गई । सभा के बाद महिला मंडल ने नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। इसमें सपना, स्वाति, विद्या, शांता, शारदा, ईशा, शैली, तानाजी, विजय, विट्ठल, अरविंद, आदेश गुप्ता, शिवाजी, शाहजी, महेश, अमोल, अंकित, रोहित जैन आदि रहे।
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सराफा बाजार में महाराष्ट्र गणेश मंडल के सौजन्य से चल रहे गणेश महोत्सव में भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। इस मौके पर गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना कर प्रसाद बांटा।
धर्म सभा में पवन शास्त्री ने बताया किसी भी कार्य के आरंभ करने से पहले गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं। सूर्य की पूजा से सभी रोग दूर हो जाते हैं। विष्णु की पूजा करने से मन में पवित्रता आती है। किसी भी कार्य में गणेश की पूजा न करने से कार्य सिद्धि में बाधा आती है। समुद्र मंथन के समय गणेश जी की पूजा नहीं हुई । इससे देवता और दैत्य मंदरा चल पर्वत को ला रहे थे, तो वे उसके भार के नीचे आहत होकर नीचे दब गए थे। भगवान श्री हरि ने अपने करताल से उन्हें जीवित किया । इसके पश्चात पर्वत को समुद्र में डाल दिया तो देवता और दैत्य निराश होने लगे, उन्हें लगा अब सारा करा कराया चौपट हो गया है। इस बात को देखकर भगवान श्री हरि ने सोच लिया यह सब विघ्न श्री गणेश जी की है। हम लोगों ने भगवान श्री गणेश जी की पूजा न करने के कारण ही समस्या पैदा हुई है। सभी देवी देवताओं ने गणेश जी की पुजा की और उन्हें खुश किया । इसी प्रकार गणेश जी का नाम लेने से सभी बांधाए दूर हो गई । सभा के बाद महिला मंडल ने नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। इसमें सपना, स्वाति, विद्या, शांता, शारदा, ईशा, शैली, तानाजी, विजय, विट्ठल, अरविंद, आदेश गुप्ता, शिवाजी, शाहजी, महेश, अमोल, अंकित, रोहित जैन आदि रहे।
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