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एक्सप्रेस-वे पर बड़ागांव के सामने बनेगा पार्किंग जोन
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:07 AM IST
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर बड़ागांव के सामने वाहनों को रोकने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। यहां वाहन पार्किंग की व्यवस्था से श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। बड़ा गांव में कट दिए जाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। पार्किंग व्यवस्था से क्षेत्र को लाभ होगा।
बड़ागांव स्थित जैन मंदिर में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। गांव में ही मंशा देवी का एतिहासिक मंदिर है। मंदिर कमेटी ने मांग रखी थी कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर बड़ागांव के सामने कट मिलना चाहिए, लेकिन कट दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां गांव के निकट मिला, लेकिन अब पार्किंग जोन की व्यवस्था मंदिर के निकट हो जाने से श्रद्धालुओं को लाभ होगा। एक्सप्रेस-वे पर मंदिर से कुछ ही दूरी पर पार्किंग जोन तैयार किया जा रहा है। यहां पर वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ होगा। निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसके पूरा होने की उम्मीद है।
ऐसा है एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) के निर्माण से दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम हुआ है। कई राज्यों के वाहनों को अब दिल्ली में एंट्री की जरूरत नहीं रह गई है। अकेले बागपत की बात करें तो 2221 किसानों की जमीन का अधिग्रहण इसके निर्माण में किया।
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बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। मवी कलां में इंटरचेंज बनाया गया है, इससे बागपत ही नहीं शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। गढ़-सोनीपत हाईवे पर वाहनों का बोझ एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने के बाद कम हो गया है।
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बड़ागांव स्थित जैन मंदिर में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। गांव में ही मंशा देवी का एतिहासिक मंदिर है। मंदिर कमेटी ने मांग रखी थी कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर बड़ागांव के सामने कट मिलना चाहिए, लेकिन कट दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां गांव के निकट मिला, लेकिन अब पार्किंग जोन की व्यवस्था मंदिर के निकट हो जाने से श्रद्धालुओं को लाभ होगा। एक्सप्रेस-वे पर मंदिर से कुछ ही दूरी पर पार्किंग जोन तैयार किया जा रहा है। यहां पर वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ होगा। निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसके पूरा होने की उम्मीद है।
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ऐसा है एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) के निर्माण से दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम हुआ है। कई राज्यों के वाहनों को अब दिल्ली में एंट्री की जरूरत नहीं रह गई है। अकेले बागपत की बात करें तो 2221 किसानों की जमीन का अधिग्रहण इसके निर्माण में किया।
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बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। मवी कलां में इंटरचेंज बनाया गया है, इससे बागपत ही नहीं शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। गढ़-सोनीपत हाईवे पर वाहनों का बोझ एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने के बाद कम हो गया है।