{"_id":"5b5b71234f1c1bbd298b6674","slug":"51532719395-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात से खुली बिजली व्यवस्था की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात से खुली बिजली व्यवस्था की पोल
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरसात से खुली बिजली व्यवस्था की पोल
बड़ौत। अद्योषित कटौती, फाल्ट और ट्रिंपिग से उपभोक्ताओं को राहत मिल भी नहीं पाई थी कि पिछलें तीन दिनों से चल रहे बारिश ने और भी समस्या बढ़ा दी। बारिश के चलते बीते तीन दिनों से तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं। घरों में पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इनवर्टर जवाब दे रहे हैं।
बरसात से मलकपुर, जौनमाना, बावली, बिजरौल, बामनौली आदि गांवों में विद्युत लाइनें व पोल टूटे हुए है। सूचना के बाद भी निगम के अवर अभियंता नहीं पहुंच रहे है। आरोप लगाया कि सभी अवर अभियंता अपने आवासों से ही ड्यूटी कर रहे है। पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंवर्टर भी फेल हो गए है। आलम यह है कि नगर मेें कई जगहों पर विद्युत पोल मेें करंट प्रभावित है, लेकिन सूचना के बाद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच रहा है। इससे नगरवासियों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
विज्ञापन
बड़ौत। अद्योषित कटौती, फाल्ट और ट्रिंपिग से उपभोक्ताओं को राहत मिल भी नहीं पाई थी कि पिछलें तीन दिनों से चल रहे बारिश ने और भी समस्या बढ़ा दी। बारिश के चलते बीते तीन दिनों से तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं। घरों में पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इनवर्टर जवाब दे रहे हैं।
बरसात से मलकपुर, जौनमाना, बावली, बिजरौल, बामनौली आदि गांवों में विद्युत लाइनें व पोल टूटे हुए है। सूचना के बाद भी निगम के अवर अभियंता नहीं पहुंच रहे है। आरोप लगाया कि सभी अवर अभियंता अपने आवासों से ही ड्यूटी कर रहे है। पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंवर्टर भी फेल हो गए है। आलम यह है कि नगर मेें कई जगहों पर विद्युत पोल मेें करंट प्रभावित है, लेकिन सूचना के बाद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच रहा है। इससे नगरवासियों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
विज्ञापन