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औढ़ापुर गांव में राशन की दुकान का प्रस्ताव पारित
Updated Thu, 17 May 2018 01:05 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
औढ़ापुर गांव में बुधवार को खुली बैठक हुई। इसमें पिछले एक साल से खाली चल रही राशन की दुकान का आवंटन किया। इस दौरान गांव में पुलिस बल भी तैनात किया।
उल्लेखनीय है कि एक साल पहले गांव के राशन डीलर की कालाबाजारी की शिकायत पर दुकान निरस्त कर दी। दुकान निरस्त होने के बाद ग्रामीणों के अनुरोध पर शबगा गांव की राशन डीलर पूनम के यहां पर दुकान अटैच कर दी, लेकिन वहां पर गांव से कई किलोमीटर दूर जाकर ग्रामीणों को राशन लेना पड़ता । समस्या को लेकर ग्रामीणों ने तहसील में एसडीएम अरविंद कुमार से खुली बैठक कर राशन की दुकान आवंटित करने की मांग की। दो मई को एसडीएम के आदेश पर खुली बैठक का आयोजन किया। कोरम पूरा न होने के कारण बैठक स्थगित कर दी।
बुधवार को दोबारा से एसडीएम के आदेश पर नायाब तहसीलदार मोहम्मद नसीम और एडीओ पंचायत रणधोल सिंह मौके पर पहुंचे और दुकान आवंटित की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति को देख पुलिस बल भी गांव मेें तैनात किया। कई घंटे चली खुली बैठक में आम राय से गुल बहार पत्नी ताहिर को दुकान आवंटित की। गुल बहार को 187 वोट मिले। जबकि दूसरे प्रस्तावक साइन पत्नी सरफराज को मात्र 12 वोट मिले। इसमें ग्राम प्रधान जमीला बेगम, एडीओ पंचायत रणधोल सिंह, सचिव संजय सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
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औढ़ापुर गांव में बुधवार को खुली बैठक हुई। इसमें पिछले एक साल से खाली चल रही राशन की दुकान का आवंटन किया। इस दौरान गांव में पुलिस बल भी तैनात किया।
उल्लेखनीय है कि एक साल पहले गांव के राशन डीलर की कालाबाजारी की शिकायत पर दुकान निरस्त कर दी। दुकान निरस्त होने के बाद ग्रामीणों के अनुरोध पर शबगा गांव की राशन डीलर पूनम के यहां पर दुकान अटैच कर दी, लेकिन वहां पर गांव से कई किलोमीटर दूर जाकर ग्रामीणों को राशन लेना पड़ता । समस्या को लेकर ग्रामीणों ने तहसील में एसडीएम अरविंद कुमार से खुली बैठक कर राशन की दुकान आवंटित करने की मांग की। दो मई को एसडीएम के आदेश पर खुली बैठक का आयोजन किया। कोरम पूरा न होने के कारण बैठक स्थगित कर दी।
बुधवार को दोबारा से एसडीएम के आदेश पर नायाब तहसीलदार मोहम्मद नसीम और एडीओ पंचायत रणधोल सिंह मौके पर पहुंचे और दुकान आवंटित की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति को देख पुलिस बल भी गांव मेें तैनात किया। कई घंटे चली खुली बैठक में आम राय से गुल बहार पत्नी ताहिर को दुकान आवंटित की। गुल बहार को 187 वोट मिले। जबकि दूसरे प्रस्तावक साइन पत्नी सरफराज को मात्र 12 वोट मिले। इसमें ग्राम प्रधान जमीला बेगम, एडीओ पंचायत रणधोल सिंह, सचिव संजय सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
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