{"_id":"5afb3a004f1c1b165e8b4be4","slug":"51526413824-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरी जाति के नहीं बन रहे जाति प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरी जाति के नहीं बन रहे जाति प्रमाण पत्र
Updated Wed, 16 May 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
करीमपुर गांव मेें बैठक में कोरी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र न बनने पर आक्रोश जताया गया। साथ ही निर्णय लिया, यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं होता तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को नरेंद्र की अध्यक्षता और कपिल कुमार कोरी के संचालन में हुई बैठक मेें वक्ताओं का कहना था कि जनपद में कोरी समाज के प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरी जाति के आवेदनों को यह कहकर रद्द कर दिया जाता है कि उक्त पते पर कोरी जाति के लोग नहीं रहते, बल्कि हिंदू जुलाहा रहते हैं। जबकि 31 अक्टूबर 2017 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने यह आदेश दिए थे कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह अनुसूचित जाति मेें किसी जाति को शामिल कर सके अथवा निकाल सके। कहा कि कोरी जाति और हिंदू जुलाहा अलग-अलग नहीं है, बल्कि कोरी जाति के ही लोग जुलाहे का काम करते हैं। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। बैठक मेें प्रदीप कोरी, नरेश कोरी, सचिन कोरी, दिनेश कोरी, अमित, संजीव कोरी आदि रहे।
विज्ञापन
करीमपुर गांव मेें बैठक में कोरी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र न बनने पर आक्रोश जताया गया। साथ ही निर्णय लिया, यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं होता तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को नरेंद्र की अध्यक्षता और कपिल कुमार कोरी के संचालन में हुई बैठक मेें वक्ताओं का कहना था कि जनपद में कोरी समाज के प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरी जाति के आवेदनों को यह कहकर रद्द कर दिया जाता है कि उक्त पते पर कोरी जाति के लोग नहीं रहते, बल्कि हिंदू जुलाहा रहते हैं। जबकि 31 अक्टूबर 2017 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने यह आदेश दिए थे कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह अनुसूचित जाति मेें किसी जाति को शामिल कर सके अथवा निकाल सके। कहा कि कोरी जाति और हिंदू जुलाहा अलग-अलग नहीं है, बल्कि कोरी जाति के ही लोग जुलाहे का काम करते हैं। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। बैठक मेें प्रदीप कोरी, नरेश कोरी, सचिन कोरी, दिनेश कोरी, अमित, संजीव कोरी आदि रहे।
विज्ञापन