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इस साल महिला अस्पताल में मिलेगा इलाज?
Updated Mon, 01 Jan 2018 12:53 AM IST
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बागपत। जिला मुख्यालय पर 100 बिस्तर का महिला अस्पताल बनकर तैयार है। तीन बार उद्घाटन के बावजूद यहां पर इलाज शुरू नहीं कराया गया। 12 करोड़ की लागत से बने इस महिला अस्पताल के इस साल शुरू हो जाने की उम्मीद है।
देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर बागपत बसा हुआ है, लेकिन यहां पर चिकित्सा सुविधाओं का टोटा है। जिला अस्पताल के पास ही स्थित महिला अस्पताल का 12 जनवरी 2014 को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तत्कालीन मंत्री अहमद हसन ने शिलान्यास किया था। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश विकास परिषद द्वारा किया गया। अस्पताल 12 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ। सवा साल पूर्व अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया गया था। जिला अस्पताल के स्टाफ ने ही छह माह पूर्व इस हास्पिटल का उद्घाटन कर चालू किया। दो माह अस्पताल चलने के बाद शासन ने प्राइवेट संस्था को हास्पिटल देने का आदेश जारी कर दिया था। स्टाफ वापस जिला अस्पताल लौट गया था। तब से अब तक अस्पताल पर ताला लटका हुआ है। महिला अस्पताल बनने के बाद भी महिलाओं का इलाज जिला अस्पताल में ही हो रहा है। इससे महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल में चल रही केयर यूनिट
बागपत। नवजात बीमार बच्चों की देखरेख के लिए महिला अस्पताल के एक हिस्से में सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट चल रही है। उस स्थान पर ही साफ-सफाई रखी जाती है।
प्राइवेट संस्था चलाएगी अस्पताल : सीएमएस
सीएमएस डॉक्टर बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि महिला अस्पताल को प्राइवेट्र संस्था चलाएगी। इस संबंध में शासन से उनको पत्र प्राप्त हुआ था। इसी कारण चालू करने के बाद अस्पताल बंद किया गया। जल्द ही यह अस्पताल शुरू हो जाएगा।
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देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर बागपत बसा हुआ है, लेकिन यहां पर चिकित्सा सुविधाओं का टोटा है। जिला अस्पताल के पास ही स्थित महिला अस्पताल का 12 जनवरी 2014 को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तत्कालीन मंत्री अहमद हसन ने शिलान्यास किया था। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश विकास परिषद द्वारा किया गया। अस्पताल 12 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ। सवा साल पूर्व अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया गया था। जिला अस्पताल के स्टाफ ने ही छह माह पूर्व इस हास्पिटल का उद्घाटन कर चालू किया। दो माह अस्पताल चलने के बाद शासन ने प्राइवेट संस्था को हास्पिटल देने का आदेश जारी कर दिया था। स्टाफ वापस जिला अस्पताल लौट गया था। तब से अब तक अस्पताल पर ताला लटका हुआ है। महिला अस्पताल बनने के बाद भी महिलाओं का इलाज जिला अस्पताल में ही हो रहा है। इससे महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अस्पताल में चल रही केयर यूनिट
बागपत। नवजात बीमार बच्चों की देखरेख के लिए महिला अस्पताल के एक हिस्से में सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट चल रही है। उस स्थान पर ही साफ-सफाई रखी जाती है।
प्राइवेट संस्था चलाएगी अस्पताल : सीएमएस
सीएमएस डॉक्टर बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि महिला अस्पताल को प्राइवेट्र संस्था चलाएगी। इस संबंध में शासन से उनको पत्र प्राप्त हुआ था। इसी कारण चालू करने के बाद अस्पताल बंद किया गया। जल्द ही यह अस्पताल शुरू हो जाएगा।
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