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गरीबों की सवारी पर जीएसटी की मार भारी
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:07 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गरीबों की सवारी यानी साइकिल पर जीएसटी की भारी मार पड़ी है। सूबे में पहले साइकिल को कर मुक्त किया था। अब साइकिल खरीदने वालों को भारी भरकम टैक्स देना होगा। नई साइकिल का मूल्य जहां 300 से 2000 हजार रुपये अधिक देना होगा, वहीं मरम्मत कराने में भी पसीने छूटेंगे।
जनपद में 80 प्रतिशत साइकिल का उपयोग छात्र, मजदूर और गांव में रहने वाले ग्रामीणकरते हैं। अधिकांश मजदूर साइकिल से ईट भट्ठों, भवन निर्माण, मिल, फैक्ट्रियों आदि में काम करने जाते हैं। पिछली सरकार ने साइकिल को कर मुक्त कर दिया था। इसके बाद भी महंगाई के दौर में तीन हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक विभिन्न माडलों की साइकिल बाजार में मिलती थी, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद नई साइकिल का अधिक भुगतान करना पड़ेगा। जीएसटी काउंसिल ने साइकिल और उसके पुर्जों पर 12 प्रतिशत, टायर और ट्यूब पर पांच प्रतिशत और ताला, घंटी, स्टील बाक्स खरीदने पर 18 प्रतिशत टैक्स देना होगा। साइकिल व्यापारी दिनेश और रवि ने कहा 80 प्रतिशत साइकिल का व्यापार करने वाले कम पढ़े लिखे दुकानदार करते हैं। जीएसटी की जटिलता के कारण साइकिल का व्यापार करने वाले दुकानदार को अपना कारोबार बदलने को मजबूर होना पड़ेगा।
गरीबों की सवारी यानी साइकिल पर जीएसटी की भारी मार पड़ी है। सूबे में पहले साइकिल को कर मुक्त किया था। अब साइकिल खरीदने वालों को भारी भरकम टैक्स देना होगा। नई साइकिल का मूल्य जहां 300 से 2000 हजार रुपये अधिक देना होगा, वहीं मरम्मत कराने में भी पसीने छूटेंगे।
जनपद में 80 प्रतिशत साइकिल का उपयोग छात्र, मजदूर और गांव में रहने वाले ग्रामीणकरते हैं। अधिकांश मजदूर साइकिल से ईट भट्ठों, भवन निर्माण, मिल, फैक्ट्रियों आदि में काम करने जाते हैं। पिछली सरकार ने साइकिल को कर मुक्त कर दिया था। इसके बाद भी महंगाई के दौर में तीन हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक विभिन्न माडलों की साइकिल बाजार में मिलती थी, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद नई साइकिल का अधिक भुगतान करना पड़ेगा। जीएसटी काउंसिल ने साइकिल और उसके पुर्जों पर 12 प्रतिशत, टायर और ट्यूब पर पांच प्रतिशत और ताला, घंटी, स्टील बाक्स खरीदने पर 18 प्रतिशत टैक्स देना होगा। साइकिल व्यापारी दिनेश और रवि ने कहा 80 प्रतिशत साइकिल का व्यापार करने वाले कम पढ़े लिखे दुकानदार करते हैं। जीएसटी की जटिलता के कारण साइकिल का व्यापार करने वाले दुकानदार को अपना कारोबार बदलने को मजबूर होना पड़ेगा।
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