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शहीदों के सपने अभी अधूरे : किरणजीत सिंह
Updated Sat, 11 Nov 2017 01:02 AM IST
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शहीदों के सपने अभी अधूरे : किरणजीत सिंह
छपरौली (बागपत)। कस्बे में आर्य समाज छपरौली के तत्वावधान में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि शहीदे आजम भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह रहे। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपने अधूरे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए सभी लोगों को एक साथ आना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने की। किरणजीत सिंह ने कहा
शहीदों के सपने पूरे करने के लिए देश की सरकारों के साथ आम जनमानस भी सहयोग करना चाहिए। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भूलना चाहिए। उन्हें जीवन से प्रेरणा लेने और उनकी विचारधारा को जनजन तक पहुंचाने की जरूरत है। आर्य समाज का देश की आजादी में बड़ा योगदान रहा है। भगत सिंह की तीन पीढ़ियां आर्य समाज से प्रेरित रहीं। दादा ने स्वयं स्वामी दयानंद से यज्ञोपवीत लिया था। आर्य समाज आज भी शहीदों के सपनों को साकार करने आंदोलनरत है। शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता सैनानी चौधरी पृथ्वीसिंह बेधड़क के पुत्र सहदेव सिंह बेधड़क ने देशभक्ति से ओतपोत गीत प्रस्तुत किए। उसे सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। पूर्व चेयरमैन संजीव खोखर, आर्य समाज छपरौली के प्रधान कृष्णपाल खलीफा, धर्मेंद्र पहलवान, पप्पू पहलवान, नरेंद्र, अवनीश, खिलारी सिंह, महक सिंह, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह, जयदेव आर्य, तेजपाल सिंह, योगेंद्र गिंदू का सहयोग रहा।
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छपरौली (बागपत)। कस्बे में आर्य समाज छपरौली के तत्वावधान में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि शहीदे आजम भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह रहे। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपने अधूरे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए सभी लोगों को एक साथ आना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने की। किरणजीत सिंह ने कहा
शहीदों के सपने पूरे करने के लिए देश की सरकारों के साथ आम जनमानस भी सहयोग करना चाहिए। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भूलना चाहिए। उन्हें जीवन से प्रेरणा लेने और उनकी विचारधारा को जनजन तक पहुंचाने की जरूरत है। आर्य समाज का देश की आजादी में बड़ा योगदान रहा है। भगत सिंह की तीन पीढ़ियां आर्य समाज से प्रेरित रहीं। दादा ने स्वयं स्वामी दयानंद से यज्ञोपवीत लिया था। आर्य समाज आज भी शहीदों के सपनों को साकार करने आंदोलनरत है। शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता सैनानी चौधरी पृथ्वीसिंह बेधड़क के पुत्र सहदेव सिंह बेधड़क ने देशभक्ति से ओतपोत गीत प्रस्तुत किए। उसे सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। पूर्व चेयरमैन संजीव खोखर, आर्य समाज छपरौली के प्रधान कृष्णपाल खलीफा, धर्मेंद्र पहलवान, पप्पू पहलवान, नरेंद्र, अवनीश, खिलारी सिंह, महक सिंह, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह, जयदेव आर्य, तेजपाल सिंह, योगेंद्र गिंदू का सहयोग रहा।
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