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कांवड़ मार्ग की सफाई में लगे 40 कर्मी मिले गायब, वेतन रोका
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कांवड़ मार्ग की सफाई में लगे 40 कर्मी मिले गायब, वेतन रोका
बागपत। दाहा से पुरा महादेव तक कांवड़ मार्ग की सफाई में लगे 40 कर्मचारी रविवार को गायब मिले। जिला समन्वयक के निरीक्षण में इसकी पोल खुली तो उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को भेज दी। उन सभी सफाई कर्मियों का एक-एक दिन का वेतन रोक दिया गया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर इस माह के आखिर में चार दिवसीय श्रावणी मेला लगेगा। जहां शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर आते हैं और पुरामहादेव मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं। प्रशासन ने मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दाहा से पुरा महादेव तक कांवड़ मार्ग के आसपास काफी घास और झाड़ियों को हटाने के लिए 70 कर्मचारियों को सफाई कार्य में लगाया गया था। डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि रविवार को जिला समन्वयक नरेंद्र उज्जवल ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। वह शाहजहांपुर, बरनावा, गल्हैता, चिरचिटा, मवीकलां आदि गांवों का निरीक्षण करते हुए पुरा महादेव पहुंचे। उनको वहां केवल 30 कर्मचारी ही सफाई कार्य करते मिले, जबकि 40 कर्मचारी गायब थे। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने उनका एक-एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
ड्यूटी पर आकर सफाई भी नहीं करते
जिला समन्वयक के निरीक्षण में सफाई कर्मचारियों की कार्य प्रणाली की पोल भी खुली। वहां करीब दस कर्मचारी ऐसे भी मिले जो काम करने के लिए आते जरूर हैं, लेकिन वह सफाई नहीं करते हैं। वह अधिकारी की तरह वहां खड़े रहते हैं और उसके बाद वहां से चले जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ जल्द रिपोर्ट तैयार करके निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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बागपत। दाहा से पुरा महादेव तक कांवड़ मार्ग की सफाई में लगे 40 कर्मचारी रविवार को गायब मिले। जिला समन्वयक के निरीक्षण में इसकी पोल खुली तो उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को भेज दी। उन सभी सफाई कर्मियों का एक-एक दिन का वेतन रोक दिया गया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर इस माह के आखिर में चार दिवसीय श्रावणी मेला लगेगा। जहां शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर आते हैं और पुरामहादेव मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं। प्रशासन ने मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दाहा से पुरा महादेव तक कांवड़ मार्ग के आसपास काफी घास और झाड़ियों को हटाने के लिए 70 कर्मचारियों को सफाई कार्य में लगाया गया था। डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि रविवार को जिला समन्वयक नरेंद्र उज्जवल ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। वह शाहजहांपुर, बरनावा, गल्हैता, चिरचिटा, मवीकलां आदि गांवों का निरीक्षण करते हुए पुरा महादेव पहुंचे। उनको वहां केवल 30 कर्मचारी ही सफाई कार्य करते मिले, जबकि 40 कर्मचारी गायब थे। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने उनका एक-एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
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ड्यूटी पर आकर सफाई भी नहीं करते
जिला समन्वयक के निरीक्षण में सफाई कर्मचारियों की कार्य प्रणाली की पोल भी खुली। वहां करीब दस कर्मचारी ऐसे भी मिले जो काम करने के लिए आते जरूर हैं, लेकिन वह सफाई नहीं करते हैं। वह अधिकारी की तरह वहां खड़े रहते हैं और उसके बाद वहां से चले जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ जल्द रिपोर्ट तैयार करके निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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