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पुराने शौचालय दर्शाकर हड़पी गई धनराशि, डीएम से जांच की मांग
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:28 AM IST
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बागपत। पाली गांव के ग्रामीणों ने शौचालय के निर्माण में प्रधान पर गोलमाल का आरोप लगाया। उन्होंने डीएम से शिकायत की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की। दूसरी तरफ ग्राम प्रधान ने कहा आरोप बेबुनियाद है।
पाली गांव गांव के लोगों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण हुआ। इसमें काफी गड़बड़ी की। शौचालय बनाने के लिए अवैध वसूली की। पुराने शौचालयों को ही नया दिखाकर गबन कर लिया है और यदि कोई व्यक्ति विरोध करता है तो उसके साथ मारपीट तक की जाती है। जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा कि राजेश पुत्र बीरे के पुराने शौचालय को दिखाकर छह हजार दें दिए है और छह हजार अपने पास रखे। कृष्णा पत्नी जोगराज का मकान दिखाकर शौचालय बनाया, जबकि मकान जोगराज का नहीं है। ऐसे ही ओमप्रकाश पुत्र रामकिशन का पुराना शौचालय दिखाकर उससे दो हजार रुपये, अपने परिवार से अजित सिंह, राज कुमार, लोकेश आदि से छह-छह हजार रुपये लिए गए हैं। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर पाली गांव के शौचालयों की जांच की मांग की है। इस दौरान अशोक कुमार, धर्मराज सिंह, नरेश कुमार, भोले, रकम सिंह, सत्यपाल, अशोक, गजेंद्र, पुष्पेंद्र, दीपक, देवदत्त आदि रहे। इस मामले में प्रधान कमल सिंह ने कहा कि जो भी आरोप लगाए हैं, वह बेबुनियाद है। कुछ लोग उससे मनमुटाव हैं, जिस कारण इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। वह हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं।
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पाली गांव गांव के लोगों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण हुआ। इसमें काफी गड़बड़ी की। शौचालय बनाने के लिए अवैध वसूली की। पुराने शौचालयों को ही नया दिखाकर गबन कर लिया है और यदि कोई व्यक्ति विरोध करता है तो उसके साथ मारपीट तक की जाती है। जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा कि राजेश पुत्र बीरे के पुराने शौचालय को दिखाकर छह हजार दें दिए है और छह हजार अपने पास रखे। कृष्णा पत्नी जोगराज का मकान दिखाकर शौचालय बनाया, जबकि मकान जोगराज का नहीं है। ऐसे ही ओमप्रकाश पुत्र रामकिशन का पुराना शौचालय दिखाकर उससे दो हजार रुपये, अपने परिवार से अजित सिंह, राज कुमार, लोकेश आदि से छह-छह हजार रुपये लिए गए हैं। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर पाली गांव के शौचालयों की जांच की मांग की है। इस दौरान अशोक कुमार, धर्मराज सिंह, नरेश कुमार, भोले, रकम सिंह, सत्यपाल, अशोक, गजेंद्र, पुष्पेंद्र, दीपक, देवदत्त आदि रहे। इस मामले में प्रधान कमल सिंह ने कहा कि जो भी आरोप लगाए हैं, वह बेबुनियाद है। कुछ लोग उससे मनमुटाव हैं, जिस कारण इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। वह हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं।
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