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बुजुर्ग बोले- युवाओं में घटता जा रहा है गणतन्त्र दिवस मनाने का क्रेज
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:01 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गणतंत्र दिवस नजदीक आ गया हैं। इसको लेकर उत्साह और पर्व जैस माहौल नहीं दिखाई दे रहा है। बुजुर्गों ने कहा अब पहले जैसी बात नहीं रही है। युवाओं में गणतंत्र दिवस मनाने का क्रेज लगातार घटता जा रहा है।
चंदनहेडी गांव की बुजुर्ग महिला किसनो देवी (95 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय महावीर बताती है कि देश को आजादी दिलाने के लिए बहुत से लोगों ने अपना बलिदान दिया था, आज देश तो आजाद हो गया, लेकिन समाज में बहुत सी कुरीतियों फैल गई है। पहले भाईचारे के साथ देश की आजादी का जश्न मनाया जाता था, लेकिन अब क्रेज घटता जा रहा है। वहीं, रणवीरी देवी (97 वर्ष) पत्नी चौधरी बलजोर सिंह का कहना है कि पहले बच्चे गणतंत्र दिवस के दिन हाथों मेें तिरंगा लेकर गलियों में झांकियों के साथ प्रभात रैली निकालते थे। स्कूल और कॉलेजों में भी गणतंत्र दिवस से करीबन 10 दिन पूर्व तैयारियों शुरू हो जाती थी। कार्यक्रम में जाने के लिए बच्चों में उत्साह रहता था, लेकिन आज स्थिति विपरीत हो गई है। कार्यक्रम कम होने लगे हैं। डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा पुत्र कांशीराम शर्मा निवासी छपरौली का कहना है कि पहले प्रभातफेरी निकाली जाती थी, लेकिन अब नहीं। युवा वर्ग में देश के प्रति प्रेम की भावना कम होती जा रही है। आज का युवा सोशल मीडिया पर फालतू की चीजों पर ज्यादा समय दे रहा है।
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गणतंत्र दिवस नजदीक आ गया हैं। इसको लेकर उत्साह और पर्व जैस माहौल नहीं दिखाई दे रहा है। बुजुर्गों ने कहा अब पहले जैसी बात नहीं रही है। युवाओं में गणतंत्र दिवस मनाने का क्रेज लगातार घटता जा रहा है।
चंदनहेडी गांव की बुजुर्ग महिला किसनो देवी (95 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय महावीर बताती है कि देश को आजादी दिलाने के लिए बहुत से लोगों ने अपना बलिदान दिया था, आज देश तो आजाद हो गया, लेकिन समाज में बहुत सी कुरीतियों फैल गई है। पहले भाईचारे के साथ देश की आजादी का जश्न मनाया जाता था, लेकिन अब क्रेज घटता जा रहा है। वहीं, रणवीरी देवी (97 वर्ष) पत्नी चौधरी बलजोर सिंह का कहना है कि पहले बच्चे गणतंत्र दिवस के दिन हाथों मेें तिरंगा लेकर गलियों में झांकियों के साथ प्रभात रैली निकालते थे। स्कूल और कॉलेजों में भी गणतंत्र दिवस से करीबन 10 दिन पूर्व तैयारियों शुरू हो जाती थी। कार्यक्रम में जाने के लिए बच्चों में उत्साह रहता था, लेकिन आज स्थिति विपरीत हो गई है। कार्यक्रम कम होने लगे हैं। डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा पुत्र कांशीराम शर्मा निवासी छपरौली का कहना है कि पहले प्रभातफेरी निकाली जाती थी, लेकिन अब नहीं। युवा वर्ग में देश के प्रति प्रेम की भावना कम होती जा रही है। आज का युवा सोशल मीडिया पर फालतू की चीजों पर ज्यादा समय दे रहा है।
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