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Baghpat News: यहां सालभर में 275 से हुई ठगी, जागरूकता ने 67 को 22 लाख वापस दिलाए
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बागपत। पिछले कुछ महीने से ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ गए है। रोजाना एक व्यक्ति ठगी का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहा है। वहीं ठगी के शिकार होने वाले लोगों में 67 को इस साल में 22 लाख रुपये वापस भी मिले है। यह रकम उनके जागरूक होने के कारण तुरंत पुलिस में शिकायत करने पर वापस मिली है। ऑनलाइन ठगी को लेकर पुलिस भी लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।
एक साल की बात करें तो यहां ठगी के 275 मामले सामने आए है। इस साल अप्रैल तक ठगी के मामले काफी कम रहे, लेकिन जून से ठगी के मामलों में काफी इजाफा हुआ। जहां जनवरी में एक भी ठगी का मामला नहीं आया तो नवंबर में सबसे ज्यादा 46 लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए। यह केवल पुलिस के रिकार्ड में दर्ज आंकड़ा है, जबकि काफी ऐसे लोग है जो ऑनलाइन ठगी होने पर शिकायत भी नहीं करते हैं। वहीं कुछ लोग शिकायत करने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं कराते है। ऐसे इस साल 100 से ज्यादा लोग है, जिनके साथ ठगी होने पर पुलिस के पास शिकायत जरूर की। उसके बाद मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हट गए।
67 लोगों के 22 लाख रुपये वापस मिले
यहां ऐसे 67 लोग है, जिनके साथ ठगी जरूर हुई। लेकिन उन्होंने तुरंत ही पुलिस व बैंक में शिकायत की और उनके 22 लाख 83 हजार रुपये वापस मिल गए। मई में सबसे ज्यादा दस लोगों की दो लाख 75 हजार रुपये की रकम वापस दिलाई गई। लेकिन रकम सबसे ज्यादा तीन लाख 49 हजार रुपये की नवंबर में वापस कराई गई जो पांच लोगों से ठगी गई थी।
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ठगी का पता चलते ही तुरंत करें शिकायत: एसपी
एसपी नीरज कुमार जादौन कहते है कि अगर लोग जागरूक होंगे तो वह ठगी का शिकार नहीं होते। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति हो जाती है कि लोग ठगों के जाल में फंस जाते है और वह रुपया गंवाते है। इसके बाद भी उनको ठगी का पता चलता है तो वह तुरंत पुलिस को सूचना दें और 24 घंटे के अंदर 1930 नंबर पर बताएं। जिससे पैसे का लेनदेन रोका जा सकता है। इसके साथ ही थाने पर जाकर तुरंत शिकायत कर सकते है, जहां हर जगह साइबर हेल्प डेस्क बनी है। वहां शिकायत करते ही पैसे का लेनदेन रुकवाया जाएगा।
इस तरह हो रही ठगी और ऐसे होगा बचाव
- ठग कोई फोन व व्हाट्स एप कॉल करता है। वह कोई परिजन व रिश्तेदार बताता है और दुर्घटना व अन्य कोई परेशानी बताकर तुरंत पैसा भेजने के लिए कहता है। ऐसे में तुरंत पैसे भेजने की जगह उसके द्वारा बताए गए कारण की पुष्टि जरूर कर लें।
- आपके किसी जानकार की फोटो फेसबुक से लेकर व्हाट्स एप पर लगाते है और उससे कॉल की जाती है। ठग कोई परेशानी बताकर तुरंत रुपये मांगते है। ऐसे में किसी जानकार का फोटो लगा होने वाले नंबर से कॉल आती है तो उस पर विश्वास करके पैसे भेज देते है। ऐसे में पैसे भेजने से पहले सही से जांच कर लें।
- गूगल पर किसी कंपनी व बैंक के कस्टमर केयर का नंबर सर्च करते है तो अधिकतर ठग अपने नंबर गूगल में डाले रहते है। ऐसे में किसी कंपनी व बैंक के कस्टमर केयर पर बात करनी है तो सीधे उसकी अधिकारिक वेबसाइट से नंबर लेकर ही कस्टमर केयर में कॉल करें।
- किसी तरह की कॉल आती है तो ओटीपी नंबर किसी को नहीं बताना है।
- ऑनलाइन सामान बेचने की वेबसाइट से सामान खरीदना है तो तब तक पैसा ट्रांसफर नहीं करना है, जब तक सीधे मिल नहीं लेते है। अगर कोई खुद को बाहर बताता है तो उससे ऑरिजनल कागज जरूर मंगवाए। क्योंकि ठगों के पास ऑरिजनल कागज नहीं हो सकते।
- आजकल सेना के जवानों के आईकार्ड भी वेबसाइट पर डालकर भरोसा दिलाया जाता है कि वह जिस सामान को बेच रहे है, वह सही है। इसलिए उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
- फिलहाल अनजान नंबर से वीडियो कॉल करके ब्लैकमेल करने का ठगी का मामला ज्यादा हो रहा है। किसी भी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आने पर उसे रिसीव नहीं करना चाहिए।
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एक साल की बात करें तो यहां ठगी के 275 मामले सामने आए है। इस साल अप्रैल तक ठगी के मामले काफी कम रहे, लेकिन जून से ठगी के मामलों में काफी इजाफा हुआ। जहां जनवरी में एक भी ठगी का मामला नहीं आया तो नवंबर में सबसे ज्यादा 46 लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए। यह केवल पुलिस के रिकार्ड में दर्ज आंकड़ा है, जबकि काफी ऐसे लोग है जो ऑनलाइन ठगी होने पर शिकायत भी नहीं करते हैं। वहीं कुछ लोग शिकायत करने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं कराते है। ऐसे इस साल 100 से ज्यादा लोग है, जिनके साथ ठगी होने पर पुलिस के पास शिकायत जरूर की। उसके बाद मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हट गए।
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67 लोगों के 22 लाख रुपये वापस मिले
यहां ऐसे 67 लोग है, जिनके साथ ठगी जरूर हुई। लेकिन उन्होंने तुरंत ही पुलिस व बैंक में शिकायत की और उनके 22 लाख 83 हजार रुपये वापस मिल गए। मई में सबसे ज्यादा दस लोगों की दो लाख 75 हजार रुपये की रकम वापस दिलाई गई। लेकिन रकम सबसे ज्यादा तीन लाख 49 हजार रुपये की नवंबर में वापस कराई गई जो पांच लोगों से ठगी गई थी।
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ठगी का पता चलते ही तुरंत करें शिकायत: एसपी
एसपी नीरज कुमार जादौन कहते है कि अगर लोग जागरूक होंगे तो वह ठगी का शिकार नहीं होते। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति हो जाती है कि लोग ठगों के जाल में फंस जाते है और वह रुपया गंवाते है। इसके बाद भी उनको ठगी का पता चलता है तो वह तुरंत पुलिस को सूचना दें और 24 घंटे के अंदर 1930 नंबर पर बताएं। जिससे पैसे का लेनदेन रोका जा सकता है। इसके साथ ही थाने पर जाकर तुरंत शिकायत कर सकते है, जहां हर जगह साइबर हेल्प डेस्क बनी है। वहां शिकायत करते ही पैसे का लेनदेन रुकवाया जाएगा।
इस तरह हो रही ठगी और ऐसे होगा बचाव
- ठग कोई फोन व व्हाट्स एप कॉल करता है। वह कोई परिजन व रिश्तेदार बताता है और दुर्घटना व अन्य कोई परेशानी बताकर तुरंत पैसा भेजने के लिए कहता है। ऐसे में तुरंत पैसे भेजने की जगह उसके द्वारा बताए गए कारण की पुष्टि जरूर कर लें।
- आपके किसी जानकार की फोटो फेसबुक से लेकर व्हाट्स एप पर लगाते है और उससे कॉल की जाती है। ठग कोई परेशानी बताकर तुरंत रुपये मांगते है। ऐसे में किसी जानकार का फोटो लगा होने वाले नंबर से कॉल आती है तो उस पर विश्वास करके पैसे भेज देते है। ऐसे में पैसे भेजने से पहले सही से जांच कर लें।
- गूगल पर किसी कंपनी व बैंक के कस्टमर केयर का नंबर सर्च करते है तो अधिकतर ठग अपने नंबर गूगल में डाले रहते है। ऐसे में किसी कंपनी व बैंक के कस्टमर केयर पर बात करनी है तो सीधे उसकी अधिकारिक वेबसाइट से नंबर लेकर ही कस्टमर केयर में कॉल करें।
- किसी तरह की कॉल आती है तो ओटीपी नंबर किसी को नहीं बताना है।
- ऑनलाइन सामान बेचने की वेबसाइट से सामान खरीदना है तो तब तक पैसा ट्रांसफर नहीं करना है, जब तक सीधे मिल नहीं लेते है। अगर कोई खुद को बाहर बताता है तो उससे ऑरिजनल कागज जरूर मंगवाए। क्योंकि ठगों के पास ऑरिजनल कागज नहीं हो सकते।
- आजकल सेना के जवानों के आईकार्ड भी वेबसाइट पर डालकर भरोसा दिलाया जाता है कि वह जिस सामान को बेच रहे है, वह सही है। इसलिए उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
- फिलहाल अनजान नंबर से वीडियो कॉल करके ब्लैकमेल करने का ठगी का मामला ज्यादा हो रहा है। किसी भी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आने पर उसे रिसीव नहीं करना चाहिए।