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लोगों का घुट रहा दम, सिस्टम भी हुआ बेदम

Wed, 02 Dec 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 12:03 AM IST
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22 found infected including ADO Panchayat
प्रदूषण नियंत्रण दिवस :
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- वायु प्रदूषण में पहले नंबर पर पहुंच गया जिला
- इस साल जिले का एक्यूआई 482 अधिकतर रहा
बागपत। प्रदूषण से लोगों का दम घुट रहा है। सुधार के प्रयास हवाई साबित हो रहे हैं। सिस्टम के प्रयास बेदम नजर आ रहे हैं। हवा की खराब गुणवत्ता में जिला इस साल पहले पायदान पर पहुंच गया। अधिकतम एक्यूआई का आंकड़ा 482 पर रहा। जाहिर है कि जिले की हवा सांस लेने लायक नहीं रही।
वायु प्रदूषण की बात करें तो इस साल जिले की स्थिति बेहद खतरनाक रही। कोरोना काल में वायु प्रदूषण के मामले में जिला देश में पहले स्थान पर भी पहुंच गया। एनसीआर के जिलों की बात करें तो जिले की हवा की गुणवत्ता अधिकतर दिन सबसे ऊपर बनीं रही। फिलहाल भी हवा की सेहत खराब है और एक्यूआई 350 के आसपास ही है। पटाखों पर प्रतिबंध के कारण जरूर दिवाली के आसपास हवा की गुणवत्ता में सुधार नजर आया।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दफ्तर नहीं
बागपत। जिले को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए। धरातल पर स्थिति यह है कि जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्डका कार्यालय तक नहीं है। हवा की गुणवत्ता जांचने के लिए जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर मापक यंत्र लगाया गया, लेकिन उसके नतीजों पर सवाल उठता रहता है। कई बार यह यंत्र बंद हो जाता है। कई बार रीडिंग गलत आती है। स्थान बदले जाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी है।
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हवा तो खराब, पानी भी बना है जहर
बागपत। जिले की हवा की गुणवत्ता तो खराब है ही साथ में पानी की गुणवत्ता भी खराब है। यमुना, हिंडन और कृष्णा नदी के किनारे के गांव के हैंडपंप भी प्रदूषित पानी दे रहे हैं। एनजीटी ने हिंडन और कृष्णा नदी किनारे बसे 55 गांव से 750 हैंडपंप उखाड़ दिए गए थे, इनकी जगह भी तक शुद्ध पेयजल का इंतजाम नहीं हुआ।
यमुना में प्रवाहित किया जा रहा गंदा पानी
बागपत। यमुना किनारे के गांवों और बागपत नगर के गंदे नाले का पानी यमुना में प्रवाहित किया जा रहा है। पानी अभी तक नहीं रोका गया, इसके अलावा बागपत नगर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अभी अधूरा है।

इसलिए फैल रहा प्रदूषण
- जिले में पांच सौ ईंट भट्ठे
- सड़कों का निर्माण कार्य
- अवैध खनन
- हरियाणा में पराली जलाए जाने
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सड़कों पर दौड़ रहे वाहन
बागपत। एनजीटी की रोक के बावजूद जिले की सड़कों पर दस और 15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल के वाहन दौड़ रहे हैं। एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
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