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पेंशनरों की समस्या का समय पर करे समाधान : डीएम
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:11 AM IST
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बागपत। डीएम ने पेंशनर दिवस पर सभी कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश दिए प्राथमिकता के आधार पर पेंशनरों की समस्याओं नियमानुसार निस्तारण करें। सभी देय का भुगतान 31 दिसंबर तक करना सुनिश्चित करें।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने पेंशनरों की समस्याएं सुनी। विभागाध्यक्षों से कहा कि पेंशनरों की समस्याओं से संबंधी प्रपत्रों को तैयार कर लें और समय उनका निराकरण कराएंगे। पेंशनरों को सम्मान दिया जाए, इनके द्वारा शासकीय कार्यों में लंबे समय तक सेवा की गई है। डीएम ने पेंशनर सेवानिवृत्त होने के बाद भी किसी न किसी कार्य में लगे रहे। स्वयं को एकदम से आजाद न करें। अपनी जीवन शैली का विशेष ध्यान दें, क्योंकि स्वस्थ जीवन शैली से ही सही स्वास्थ्य पाया जा सकता है। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जब भी कोई कर्मी रिटायरमेंट की स्थिति में आता है तो ऐसी दशा में छह माह पूर्व ही उसे जिम्मेदारी से निवृत्त करने लगें ताकि समय रहते उसके पास जो भी जिम्मेदारी है दूसरे कर्मचारी को हस्तांतरित की जा सके, जिस कारण कार्य प्रभावित न हो। वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉक्टर देवानंद राम ने कहा कि वह उन्हें प्रतिकर पेंशन, अशक्तता, अधिवर्षता, सेवा नैवृत्तिक, असाधारण एवं एक्सग्रेशिया और पारिवारिक पेंशन के बारे में चर्चा की। पेंशनरों की समस्याओं से संबंधित कई नियमों को पढ़कर सुनाया ताकि उनके जीपीएफ आदि के संबंध में सही जानकारी मिले। इस दौरान कलक्ट्रेट प्रभारी गुलशन कुमार, सहायक कोषाधिकारी आनंद कुमार, पेंशन लिपिक प्रदीप तेवतिया, अमित कुमार, पेंशनर अध्यक्ष सत्तार सिंह सहित अन्य पेंशनर्स उपस्थित रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने पेंशनरों की समस्याएं सुनी। विभागाध्यक्षों से कहा कि पेंशनरों की समस्याओं से संबंधी प्रपत्रों को तैयार कर लें और समय उनका निराकरण कराएंगे। पेंशनरों को सम्मान दिया जाए, इनके द्वारा शासकीय कार्यों में लंबे समय तक सेवा की गई है। डीएम ने पेंशनर सेवानिवृत्त होने के बाद भी किसी न किसी कार्य में लगे रहे। स्वयं को एकदम से आजाद न करें। अपनी जीवन शैली का विशेष ध्यान दें, क्योंकि स्वस्थ जीवन शैली से ही सही स्वास्थ्य पाया जा सकता है। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जब भी कोई कर्मी रिटायरमेंट की स्थिति में आता है तो ऐसी दशा में छह माह पूर्व ही उसे जिम्मेदारी से निवृत्त करने लगें ताकि समय रहते उसके पास जो भी जिम्मेदारी है दूसरे कर्मचारी को हस्तांतरित की जा सके, जिस कारण कार्य प्रभावित न हो। वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉक्टर देवानंद राम ने कहा कि वह उन्हें प्रतिकर पेंशन, अशक्तता, अधिवर्षता, सेवा नैवृत्तिक, असाधारण एवं एक्सग्रेशिया और पारिवारिक पेंशन के बारे में चर्चा की। पेंशनरों की समस्याओं से संबंधित कई नियमों को पढ़कर सुनाया ताकि उनके जीपीएफ आदि के संबंध में सही जानकारी मिले। इस दौरान कलक्ट्रेट प्रभारी गुलशन कुमार, सहायक कोषाधिकारी आनंद कुमार, पेंशन लिपिक प्रदीप तेवतिया, अमित कुमार, पेंशनर अध्यक्ष सत्तार सिंह सहित अन्य पेंशनर्स उपस्थित रहे।
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