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भाकियू ने बैठक का बहिष्कार कर नारेबाजी की
Updated Thu, 17 May 2018 01:00 AM IST
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बागपत। किसान बैठक में तीनों एसडीएम, तहसीलदार और विद्युत निगम के एसई को बुलाने के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण बैठक नहीं हो सकी। बाद में किसान और अन्य विभागों के अधिकारी लौट गए। प्रभारी सीडीओ के कहने पर अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह ने विभागीय व्यस्तता बताई।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान बैठक प्रस्तावित थी। सूचना मिलते ही भाकियू कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। बैठक में समक्ष अधिकारी दिखने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा किसान बैठक में सक्षम अधिकारी मौजूद रहने चाहिए, तभी किसान समस्याओं का समाधान होगा। भाकियू कार्यकर्ता सभागार से बाहर आए और कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी शुरू कर बैठ गए। हंगामा बढ़ा तो प्रभारी सीडीओ हूब लाल मौके पर पहुंचे। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान बैठक में सक्षम अधिकारी नहीं है। उन्होंने कहा बैठक में तीनों एसडीएम, तहसीलदार और विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता तक नहीं है। उनसे संबंधित ही कृषकों की समस्या रहती है। लंबित शिकायतों का समाधान नहीं कराया है। प्रभारी सीडीओ हूब लाल ने अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह को कॉल कर बैठक में पहुंचने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने विभागीय व्यस्तता बताई। सीडीओ ने कहा कि वह विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक निदेशक और मंडलायुक्त को पत्र लिखेंगे। इस दौरान तेजपाल ठाकुर, धूम सिंह भगत जी, शिवदत्त, उपेंद्र दांगी, इंद्रपाल जाट, राधेश्याम, महरम सिंह नारायण, विजयपाल, हिम्मत आदि मौजूद रहे।
भाकियू नेता के खिलाफ तहरीर, मुकदमा दर्ज नहीं
बागपत। विद्युत निगम और भाकियू के बीच खींचतान का पहला मामला नहीं है। 10 अप्रैल को भाकियू नेता हिम्मत सिंह पर एसई के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने और धमकी देने का आरोप लगाया । एक माह बाद भी इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया । एसई का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से मुकदमा दर्ज कराने के लिए कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। उधर, भाकियू नेताओं का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं, किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं किया।
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बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान बैठक प्रस्तावित थी। सूचना मिलते ही भाकियू कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। बैठक में समक्ष अधिकारी दिखने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा किसान बैठक में सक्षम अधिकारी मौजूद रहने चाहिए, तभी किसान समस्याओं का समाधान होगा। भाकियू कार्यकर्ता सभागार से बाहर आए और कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी शुरू कर बैठ गए। हंगामा बढ़ा तो प्रभारी सीडीओ हूब लाल मौके पर पहुंचे। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान बैठक में सक्षम अधिकारी नहीं है। उन्होंने कहा बैठक में तीनों एसडीएम, तहसीलदार और विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता तक नहीं है। उनसे संबंधित ही कृषकों की समस्या रहती है। लंबित शिकायतों का समाधान नहीं कराया है। प्रभारी सीडीओ हूब लाल ने अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह को कॉल कर बैठक में पहुंचने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने विभागीय व्यस्तता बताई। सीडीओ ने कहा कि वह विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक निदेशक और मंडलायुक्त को पत्र लिखेंगे। इस दौरान तेजपाल ठाकुर, धूम सिंह भगत जी, शिवदत्त, उपेंद्र दांगी, इंद्रपाल जाट, राधेश्याम, महरम सिंह नारायण, विजयपाल, हिम्मत आदि मौजूद रहे।
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भाकियू नेता के खिलाफ तहरीर, मुकदमा दर्ज नहीं
बागपत। विद्युत निगम और भाकियू के बीच खींचतान का पहला मामला नहीं है। 10 अप्रैल को भाकियू नेता हिम्मत सिंह पर एसई के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने और धमकी देने का आरोप लगाया । एक माह बाद भी इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया । एसई का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से मुकदमा दर्ज कराने के लिए कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। उधर, भाकियू नेताओं का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं, किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं किया।
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