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यज्ञ में आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की
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बिनौली (बागपत)।
बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल परिसर में शनिवार को सामवेद परायण यज्ञ का स्वाहा के उद्घोष के साथ समापन हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य सुनील शास्त्री ने कहा कि यज्ञ मानव कल्याण का सर्वोत्तम साधन है। यज्ञ में औषधीय गुणों से युक्त पदार्थों की आहुति से हमारे वातावरण में शुद्ध वायु का संचार होता है। जिससे वायुमंडल में घूम रहे विषाक्त जीवाणु का विनाश होता है। वर्तमान परिवेश में दिनोंदिन बढ़ रहे पर्यावरणीय प्रदूषण को यज्ञों के निरंतर आयोजन से ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैचारिक प्रदूषण को वेद अनुकूल आचरण से रोका जा सकता है। वैदिक विचारधारा को आत्मसात करने पर मनुष्य का जीवन सुखमय बनता है। यज्ञ में समाजसेवी सहदेव आर्य यज्ञमान रहे। भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी हरपाल सिंह, नीलम सिंह, बीएसएनएल पूर्व जीएम चंद्रहास, पूर्व चेयरमैन सतीश करनावल, स्वामी रणबीर, अरुण त्रिपाल धामा, दीपक शर्मा एड., निमेष शास्त्री, संजीव आर्य, डॉ. राजबीर राणा, धनपाल बैंसला, महिपाल सिंह आदि रहे।
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बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल परिसर में शनिवार को सामवेद परायण यज्ञ का स्वाहा के उद्घोष के साथ समापन हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य सुनील शास्त्री ने कहा कि यज्ञ मानव कल्याण का सर्वोत्तम साधन है। यज्ञ में औषधीय गुणों से युक्त पदार्थों की आहुति से हमारे वातावरण में शुद्ध वायु का संचार होता है। जिससे वायुमंडल में घूम रहे विषाक्त जीवाणु का विनाश होता है। वर्तमान परिवेश में दिनोंदिन बढ़ रहे पर्यावरणीय प्रदूषण को यज्ञों के निरंतर आयोजन से ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैचारिक प्रदूषण को वेद अनुकूल आचरण से रोका जा सकता है। वैदिक विचारधारा को आत्मसात करने पर मनुष्य का जीवन सुखमय बनता है। यज्ञ में समाजसेवी सहदेव आर्य यज्ञमान रहे। भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी हरपाल सिंह, नीलम सिंह, बीएसएनएल पूर्व जीएम चंद्रहास, पूर्व चेयरमैन सतीश करनावल, स्वामी रणबीर, अरुण त्रिपाल धामा, दीपक शर्मा एड., निमेष शास्त्री, संजीव आर्य, डॉ. राजबीर राणा, धनपाल बैंसला, महिपाल सिंह आदि रहे।
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