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श्रीमद्भागवत कथा में झूम उठे श्रद्धालु
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:43 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। कथा व्यास श्रीधर महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन किया और बीच-बीच में उनके भजनों पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए।
वे मंगलवार को पंचवटी मंदिर में श्री राधा गोविंद गौडीय वेदांत ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही भागवत कथा में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कल्प वृक्ष यानि मनचाहा वस्तु को अनायास ही प्रदान करती है। जो व्यक्ति सात दिन निष्ठा और भक्ति के साथ भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका उद्धार सुनिश्चित है। यहीं भगवान की भीष्म प्रतिज्ञा है। उन्होंने बताया कि तुलसी दास, कबीर दास, मीरा बाई आदि भक्तों ने कलियुग में केवल हरिनाम के माध्यम से भगवान को प्राप्त किया। यहीं हरिराम श्रीमद्भागवत का सर्वप्रथम और अंतिम संदेश है। हर युग में भगवान ने केवल अपने नाम की प्रभाव से जीवों का उद्धार किया। बीच-बीच में कथा व्यास के भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इसमें बंशी बदन प्रभु, नवीन कृष्ण दास, प्रेम कृष्ण दास, सुरेंद्र मित्तल, बलराम दास, श्याम सुंदर दास, उमा, ललिता, राजेंद्र सक्सेना, मिथलेश तिवारी, प्रमोद मित्तल आदि का सहयोग रहा।
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वे मंगलवार को पंचवटी मंदिर में श्री राधा गोविंद गौडीय वेदांत ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही भागवत कथा में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कल्प वृक्ष यानि मनचाहा वस्तु को अनायास ही प्रदान करती है। जो व्यक्ति सात दिन निष्ठा और भक्ति के साथ भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका उद्धार सुनिश्चित है। यहीं भगवान की भीष्म प्रतिज्ञा है। उन्होंने बताया कि तुलसी दास, कबीर दास, मीरा बाई आदि भक्तों ने कलियुग में केवल हरिनाम के माध्यम से भगवान को प्राप्त किया। यहीं हरिराम श्रीमद्भागवत का सर्वप्रथम और अंतिम संदेश है। हर युग में भगवान ने केवल अपने नाम की प्रभाव से जीवों का उद्धार किया। बीच-बीच में कथा व्यास के भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इसमें बंशी बदन प्रभु, नवीन कृष्ण दास, प्रेम कृष्ण दास, सुरेंद्र मित्तल, बलराम दास, श्याम सुंदर दास, उमा, ललिता, राजेंद्र सक्सेना, मिथलेश तिवारी, प्रमोद मित्तल आदि का सहयोग रहा।