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बीडीओ को नहीं हटाया तो आंदोलन
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत/ बागपत । ग्राम पंचायत अधिकारी (ग्रापंअ) पर झूठे मुकदमे के विरोध में ग्राम विकास विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बड़ौत ब्लॉक और कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बीडीओ पर सीडीओ दफ्तर में फर्नीचर लगवाने और अपने निजी कार्यों के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
बड़ौत में वीडीओ पर कराएं गए मुकदमे ने तुल पकड़ लिया है। विरोध स्वरूप ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने शनिवार को बड़ौत ब्लॉक में पहुंचकर नारेबाजी की। विरोध बढ़ा तो बीडीओ वहां से निकल गए। इसके बाद सभी ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत अधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि बीडीओ द्वारा रिश्वत मांगी जाती है। क्वाटरों में रहने के बदले दो हजार से ढाई हजार रुपये वसूले जाते है। गाड़ी में तेल के नाम पर भी रुपये लेते हैं। विकुल तोमर से डेढ़ लाख और प्रिंस जैन से 1.30 लाख, रोहित खोखर से क्वाटर आवंटन और अपने क्वाटर में सामान रखने के नाम पर वसूली की जा चुकी है। सीडीओ दफ्तर में फर्नीचर के नाम पर 70 हजार, एसी के नाम पर 14 हजार रुपये की वसूली की गई। झूठे मुकदमे की धमकी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि उक्त बीडीओ गबन में भी दोषी पाया गया है। वीडीओ पर कराया गया मुकदमा भी रिश्वत न देना ही है। बीडीओ को पद से नहीं हटाया तो सभी कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष सतीश कुमार, विकुल तोमर, प्रिंस जैन, विकास राठी, सतीश कुमार, भूपेंद्र, रेशु तोमर, संजय, सचिन, सुनीता, रोहित, राहुल, पूजा आदि मौजूद रहे।
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बड़ौत में वीडीओ पर कराएं गए मुकदमे ने तुल पकड़ लिया है। विरोध स्वरूप ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने शनिवार को बड़ौत ब्लॉक में पहुंचकर नारेबाजी की। विरोध बढ़ा तो बीडीओ वहां से निकल गए। इसके बाद सभी ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत अधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि बीडीओ द्वारा रिश्वत मांगी जाती है। क्वाटरों में रहने के बदले दो हजार से ढाई हजार रुपये वसूले जाते है। गाड़ी में तेल के नाम पर भी रुपये लेते हैं। विकुल तोमर से डेढ़ लाख और प्रिंस जैन से 1.30 लाख, रोहित खोखर से क्वाटर आवंटन और अपने क्वाटर में सामान रखने के नाम पर वसूली की जा चुकी है। सीडीओ दफ्तर में फर्नीचर के नाम पर 70 हजार, एसी के नाम पर 14 हजार रुपये की वसूली की गई। झूठे मुकदमे की धमकी दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि उक्त बीडीओ गबन में भी दोषी पाया गया है। वीडीओ पर कराया गया मुकदमा भी रिश्वत न देना ही है। बीडीओ को पद से नहीं हटाया तो सभी कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष सतीश कुमार, विकुल तोमर, प्रिंस जैन, विकास राठी, सतीश कुमार, भूपेंद्र, रेशु तोमर, संजय, सचिन, सुनीता, रोहित, राहुल, पूजा आदि मौजूद रहे।
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