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यज्ञ से त्याग की वृतियों को बल मिलता है
Updated Thu, 21 Jun 2018 01:32 AM IST
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दोघट (बागपत)। भोपाल सिंह एजूकेशन कॉलेज, दाहा में चल रहे वीरांगना शिक्षिका प्रशिक्षण शिविर में पांचवें दिन बालिकाओं को यज्ञ का महत्व बताया। इसमें आचार्य धनकुमार शास्त्री ने बताया कि याज्ञिक जीवन मानव समाज को त्याग पूर्वक जीने की कला सिखाता है। यज्ञ से त्याग की वृत्तियों को बल मिलता है जो आत्मा को निर्मल करता है। शिविर अध्यक्ष हरपाल आर्य ने कहा कि मनुष्य को बड़ा बनने के लिए अपना खानपान, विचार और आदतों को सुधारना चाहिए। जसवीर राणा ने कहा कि मन, वचन, कर्म से एक रहने वाला मनुष्य सुखी होता है। उत्तम कर्म पुण्य दायक है। मुख्य प्रशिक्षक राम गोपाल आर्य ने बालिकाओं को शारीरिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षक मदन राठी ने जूडो करातेे और सैनिक शिक्षा और राजवीर ने मंत्र पाठ सिखाया। वर्षा, सोनिया, प्रिया, ऋतु, वेदांशी, मणिका डबास, अंशु, इति, निशा ने यज्ञ कराया। इसमें सत्यपाल आर्य, बाबा भोल्लर, प्रेम सिंह राणा, छात्रनेता प्रियव्रत राणा, नरेंद्र राणा आदि रहे। ब्यूरो
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