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जिवाना में यजुर्वेद पारायण महायज्ञ शुरू
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:16 AM IST
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जिवाना में यजुर्वेद पारायण महायज्ञ शुरू
बिनौली (बागपत)। नीलकंठ आश्रम, जिवाना गुलियान में बृहस्पतिवार को गुरुदेव अवतरण दिवस के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय यजुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
महायज्ञ का शुभारंभ आश्रम के पीठाधीश सिद्ध गुरु महाराज ने धर्म ध्वजा का आरोहण कर किया। उन्होंने कहा कि धर्म मार्ग पर चलकर ही मानव का कल्याण संभव है। धर्म मानव को सात्विक और श्रेष्ठ जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। जो मनुष्य जीवन में बेसहारा लोगों की सेवा करता है। वह हमेशा सुख शांति के साथ खुशहाल रहता है।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य अमित शास्त्री ने वेद को सबसे बड़ा विज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि वेद परमात्मा की वाणी है। इसमें संसार का समस्त ज्ञान विज्ञान समाहित है। गुरुकुल लाक्षा गृह बरनावा के आचार्य अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ तथा प्रभु भक्ति से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत कर सबको भावविभोर कर दिया।
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बिनौली (बागपत)। नीलकंठ आश्रम, जिवाना गुलियान में बृहस्पतिवार को गुरुदेव अवतरण दिवस के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय यजुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
महायज्ञ का शुभारंभ आश्रम के पीठाधीश सिद्ध गुरु महाराज ने धर्म ध्वजा का आरोहण कर किया। उन्होंने कहा कि धर्म मार्ग पर चलकर ही मानव का कल्याण संभव है। धर्म मानव को सात्विक और श्रेष्ठ जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। जो मनुष्य जीवन में बेसहारा लोगों की सेवा करता है। वह हमेशा सुख शांति के साथ खुशहाल रहता है।
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यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य अमित शास्त्री ने वेद को सबसे बड़ा विज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि वेद परमात्मा की वाणी है। इसमें संसार का समस्त ज्ञान विज्ञान समाहित है। गुरुकुल लाक्षा गृह बरनावा के आचार्य अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ तथा प्रभु भक्ति से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत कर सबको भावविभोर कर दिया।
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