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दिल्ली सहारनपुर ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य शुरू
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खेकड़ा (बागपत)।
दिल्ली- सहारनपुर रेल मार्ग के रेल यात्री जल्द ही इलेक्ट्रानिक ट्रेनों में सफर करते नजर आएंगे। सोमवार को मुबारिकपुर रेल फाटक पर बिजली तारों से वाहनों की सुरक्षा के लिए लोहे के गेट लगाए गए। इलेक्ट्रानिक ट्रेनों के आवागमन से लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और दूरी तय करने में समय की बचत भी होगी।
दिल्ली- शामली- सहारनपुर रेल मार्ग के विद्युतीकरण और दोहरीकरण की मांग वर्षों से चल रही है। रेलवे ने इसकी शुरूआत को कर दी है, लेकिन कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। सोमवार को रेलवे इंजीनियरों की देखरेख में मुबारिकपुर मार्ग रेल फाटक पर इलेक्ट्रिक तारों से वाहनों की सुरक्षा के लिए दोनों ओर लोहे के गेट लगाए गए। रेलवे चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर के मुताबिक अगले वर्ष तक बड़ौत तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रेलवे पहले ही लोनी माल गोदाम तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चला रहा है। इसका विस्तार करने के लिए रेलवे ने कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत बड़ौत शामली और टपरी तक का विद्युतीकरण का कार्य होना है। बताया कि अगले वर्ष के प्रारंभ तक दिल्ली और बड़ौत के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने की प्लानिंग है। इससे शामली और बड़ौत से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। रेलवे लाइन के दोनों तरफ इलेक्ट्रिक पोल और विद्युत लाइन बिछाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा
ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ने से यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा। साथ ही दिल्ली और दूसरे नजदीकी स्टेशनों तक का सफर भी सुगम हो जाएगा। हजारों दैनिक यात्री रोजाना ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिफिकेशन से उन्हें सुविधा होगी और समय की भी बचत होगी।
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कम लगेगा समय, प्रदूषण रहित होगी यात्रा
दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी रोहित सिंघल ने बताया कि विद्युतीकरण के बाद यात्रियों को सुगमता होगी। ट्रेनों की स्पीड में फर्क पड़ेगा और समय की भी काफी बचत होगी। बताया कि विद्युतीकरण से धुआं उगलने वाले डीजल इंजन बंद होगे। यात्री प्रदूषण रहित यात्रा कर सकेंगे। ट्रेनों की गति में भी फर्क पड़ेगा। यह 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा।
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दिल्ली- सहारनपुर रेल मार्ग के रेल यात्री जल्द ही इलेक्ट्रानिक ट्रेनों में सफर करते नजर आएंगे। सोमवार को मुबारिकपुर रेल फाटक पर बिजली तारों से वाहनों की सुरक्षा के लिए लोहे के गेट लगाए गए। इलेक्ट्रानिक ट्रेनों के आवागमन से लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और दूरी तय करने में समय की बचत भी होगी।
दिल्ली- शामली- सहारनपुर रेल मार्ग के विद्युतीकरण और दोहरीकरण की मांग वर्षों से चल रही है। रेलवे ने इसकी शुरूआत को कर दी है, लेकिन कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। सोमवार को रेलवे इंजीनियरों की देखरेख में मुबारिकपुर मार्ग रेल फाटक पर इलेक्ट्रिक तारों से वाहनों की सुरक्षा के लिए दोनों ओर लोहे के गेट लगाए गए। रेलवे चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर के मुताबिक अगले वर्ष तक बड़ौत तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रेलवे पहले ही लोनी माल गोदाम तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चला रहा है। इसका विस्तार करने के लिए रेलवे ने कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत बड़ौत शामली और टपरी तक का विद्युतीकरण का कार्य होना है। बताया कि अगले वर्ष के प्रारंभ तक दिल्ली और बड़ौत के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने की प्लानिंग है। इससे शामली और बड़ौत से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। रेलवे लाइन के दोनों तरफ इलेक्ट्रिक पोल और विद्युत लाइन बिछाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
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यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा
ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ने से यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा। साथ ही दिल्ली और दूसरे नजदीकी स्टेशनों तक का सफर भी सुगम हो जाएगा। हजारों दैनिक यात्री रोजाना ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिफिकेशन से उन्हें सुविधा होगी और समय की भी बचत होगी।
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कम लगेगा समय, प्रदूषण रहित होगी यात्रा
दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी रोहित सिंघल ने बताया कि विद्युतीकरण के बाद यात्रियों को सुगमता होगी। ट्रेनों की स्पीड में फर्क पड़ेगा और समय की भी काफी बचत होगी। बताया कि विद्युतीकरण से धुआं उगलने वाले डीजल इंजन बंद होगे। यात्री प्रदूषण रहित यात्रा कर सकेंगे। ट्रेनों की गति में भी फर्क पड़ेगा। यह 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा।