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काई संचालकों का धरना जारी, इंसाफ की मांग
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:56 AM IST
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दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालक 38वें दिन भी धरने पर डटे रहे। प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। इससे दलितों में आक्रोश व्याप्त है।
वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के बाद से गांव में चर्म शोधन इकाइयां चल रही है। चर्म इकाइयां पहले गांव से बाहर की लगाई, लेकिन आबादी बढ़ने के कारण इकाइयां आबादी के बीच में आ गई। अब प्रशासन ने अचानक इकाइयों को बंद करा दिया। इससे दो हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं। दलितों के 110 परिवार भूख बैठे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने आज तक उनके बीच पहुंचकर समस्या तक नहीं सुनी। इकाइयों के लिए पर्याप्त भूमि भी नहीं दी जा रही है। जब तक इकाइयों का संचालन शुरू नहीं कराया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मौके पर चरण सिंह, राम कुमार, राजेंद्र, जयविंदर, रामदास, मुंदर, नरेश, प्रकाश, सुंदर, श्यामो आदि रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के बाद से गांव में चर्म शोधन इकाइयां चल रही है। चर्म इकाइयां पहले गांव से बाहर की लगाई, लेकिन आबादी बढ़ने के कारण इकाइयां आबादी के बीच में आ गई। अब प्रशासन ने अचानक इकाइयों को बंद करा दिया। इससे दो हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं। दलितों के 110 परिवार भूख बैठे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने आज तक उनके बीच पहुंचकर समस्या तक नहीं सुनी। इकाइयों के लिए पर्याप्त भूमि भी नहीं दी जा रही है। जब तक इकाइयों का संचालन शुरू नहीं कराया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मौके पर चरण सिंह, राम कुमार, राजेंद्र, जयविंदर, रामदास, मुंदर, नरेश, प्रकाश, सुंदर, श्यामो आदि रहे।
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