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श्रीमद्भागवत कथा का समापन
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:14 AM IST
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श्रीमद्भागवत कथा का समापन
दोघट। बाड़े वाले प्राचीन शिव मंदिर दोघट में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर धर्मलाभ उठाया।
कथावाचक परमानंद भारद्वाज वृंदावन ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से सीख लेकर आगे बढ़ने वाले व्यक्ति जीवन में बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी आसानी से पार कर जाएंगे। हमे जीवन में नम्रता, धैर्य, सत्य, अहिंसा आदि के साथ काम करना चाहिए। जो व्यक्ति निष्ठा से श्रीमद्भागवत कथा को पढ़ता और सुनता है। उसे ज्ञान, वैराग्य, भक्ति प्रदान होती है। समापन पर हुए यज्ञ के ब्रह्मा पंडित नीरज शास्त्री रहे। यज्ञ के यजमान अरविंद और रामबीर सिंह सपत्नीक रहे। इस मौके पर श्रवण शर्मा, दिनेश रुहेला, सुशील कुमार, सुभाष रुहेला, दीपक रुहेला, अरविन्द, बिट्टू, अनिल, प्रदीप आदि उपस्थित रहे।
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दोघट। बाड़े वाले प्राचीन शिव मंदिर दोघट में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर धर्मलाभ उठाया।
कथावाचक परमानंद भारद्वाज वृंदावन ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से सीख लेकर आगे बढ़ने वाले व्यक्ति जीवन में बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी आसानी से पार कर जाएंगे। हमे जीवन में नम्रता, धैर्य, सत्य, अहिंसा आदि के साथ काम करना चाहिए। जो व्यक्ति निष्ठा से श्रीमद्भागवत कथा को पढ़ता और सुनता है। उसे ज्ञान, वैराग्य, भक्ति प्रदान होती है। समापन पर हुए यज्ञ के ब्रह्मा पंडित नीरज शास्त्री रहे। यज्ञ के यजमान अरविंद और रामबीर सिंह सपत्नीक रहे। इस मौके पर श्रवण शर्मा, दिनेश रुहेला, सुशील कुमार, सुभाष रुहेला, दीपक रुहेला, अरविन्द, बिट्टू, अनिल, प्रदीप आदि उपस्थित रहे।