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ग्रहण का सूतक लगते ही बंद हो गए मंदिर के कपाट
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:49 AM IST
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ग्रहण का सूतक लगते ही बंद हो गए मंदिर के कपाट
बागपत। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि रात को शुरू होने वाला ग्रहण सदी का सबो बड़ा चंद्र ग्रहण है। इसकी पूर्ण अवधि तीन घंटे 55 मिनट होगी। भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह खग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में लग रहा है। खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर से ही शुरू हो जाएगा। सूतक लगने के बाद कुछ भी खाना-पीना वर्जित रहता है। रोगी, वृद्ध बच्चे और गर्भवती स्त्रियों के लिए इसके लिए बाध्य नहीं है। ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई कार्य है जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।
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बागपत। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि रात को शुरू होने वाला ग्रहण सदी का सबो बड़ा चंद्र ग्रहण है। इसकी पूर्ण अवधि तीन घंटे 55 मिनट होगी। भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह खग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में लग रहा है। खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर से ही शुरू हो जाएगा। सूतक लगने के बाद कुछ भी खाना-पीना वर्जित रहता है। रोगी, वृद्ध बच्चे और गर्भवती स्त्रियों के लिए इसके लिए बाध्य नहीं है। ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई कार्य है जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।