{"_id":"5b6f36db4f1c1be7258b46a9","slug":"181534015195-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रावण मास में श्रीराम की पूजा का है विशेष महत्व : ज्योतिषाचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रावण मास में श्रीराम की पूजा का है विशेष महत्व : ज्योतिषाचार्य
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
बागपत। ज्योतिषाचार्य पं. राजकुमार शास्त्री ने बताया कि श्रावण मास में श्रीराम कथा के सुनने से पुण्य लाभ मिलता है क्योंकि भगवान श्रीराम और महादेव एक दूसरे को ईष्ट देव मानते हैं। इसलिए श्रीराम की पूजा का महत्व ज्यादा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि इस माह में भगवान श्रीराम की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। श्री जानकीदास मंदिर में 13 अगस्त से श्रीराम कथा ओर श्रीमद्भागवत कथा का एक साथ आयोजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को नाग पंचमी का शुभ पर्व है। इसमें नागों की पूजा का विशेष महत्व होता है। जो लोग काल सर्प दोष से पीड़ित हैं, उनके लिए नाग पंचमी पर मंदिर में दोष शांति का विशेष कार्यक्रम होता है। उन्होंने बताया कि सर्प दोष भाग्य को अवरोधित कर देता है। इस नाग पंचमी पर हस्त नक्षत्र का संयोग बहुत शुभ है। भगवान शंकर के आभूषणों यानी नागों की विशेष पूजा होगी। दूर से रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उत्तम संतान की प्राप्ति होती है। शहद या गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी प्राप्ति होती है। जानकीदास मंदिर समिति के महासचिव राजेश गौतम ने बताया कि कथा 19 अगस्त तक चलेगी और 20 अगस्त को भंडारे का आयोजन होगा। इसी तरह विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस माह में भगवान श्रीराम की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। श्री जानकीदास मंदिर में 13 अगस्त से श्रीराम कथा ओर श्रीमद्भागवत कथा का एक साथ आयोजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को नाग पंचमी का शुभ पर्व है। इसमें नागों की पूजा का विशेष महत्व होता है। जो लोग काल सर्प दोष से पीड़ित हैं, उनके लिए नाग पंचमी पर मंदिर में दोष शांति का विशेष कार्यक्रम होता है। उन्होंने बताया कि सर्प दोष भाग्य को अवरोधित कर देता है। इस नाग पंचमी पर हस्त नक्षत्र का संयोग बहुत शुभ है। भगवान शंकर के आभूषणों यानी नागों की विशेष पूजा होगी। दूर से रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उत्तम संतान की प्राप्ति होती है। शहद या गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी प्राप्ति होती है। जानकीदास मंदिर समिति के महासचिव राजेश गौतम ने बताया कि कथा 19 अगस्त तक चलेगी और 20 अगस्त को भंडारे का आयोजन होगा। इसी तरह विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया।
विज्ञापन