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महादेव में रम गए हैं भोले कांवडिय़ां
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:26 AM IST
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महादेव की भक्ति में रम गए हैं कांवड़िये
बागपत। कांवड़ मार्ग पर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत रंग बिखरे हैं। शिव की भक्ति में झूमते गाते चल रहे कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। कांवड़िए एक से एक बढ़कर कांवड़ लाए हैं।
दिल्ली के बुराड़ी निवासी सहदेव सिंह का कहना है कि वह परिवार में सुख शांति के लिए कांवड़ लेकर आया है। भोले की भक्ति के कारण कांवड़ लाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। कांवड़ पर तिरंगे से देशभक्ति का रंग दिखता है। यह कांवड़ियों के उत्साह को बढ़ाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
रोहतक के सांपला गांव निवासी आशीष कुमार का कहना है कि हरियाणा के हर घर में सुख-शांति रहे। इसीलिए वह कांवड़ लेकर आया है। सब लोग मिलकर एक साथ रहें। भाईचारा बना रहे। उनके परिवार में सुख शांति रहे और सब मिल जुलकर आगे बढ़ते रहें, इसलिए वह कांवड़ लेकर आया है। कांवड़ लाने के लिए अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल भी किया गया है। कोई बाइक पर कांवड़ ला रहा है तो कोई स्कूटर पर। कोई शिवभक्त डीसीएम में कोई ठेली पर, कोई ट्रैक्टर पर तो कोई टेंपो में कांवड़ लेकर आया है। साइकिल पर कांवड़ लाने वालों की संख्या भी कम नहीं है।
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बागपत। कांवड़ मार्ग पर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत रंग बिखरे हैं। शिव की भक्ति में झूमते गाते चल रहे कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। कांवड़िए एक से एक बढ़कर कांवड़ लाए हैं।
दिल्ली के बुराड़ी निवासी सहदेव सिंह का कहना है कि वह परिवार में सुख शांति के लिए कांवड़ लेकर आया है। भोले की भक्ति के कारण कांवड़ लाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। कांवड़ पर तिरंगे से देशभक्ति का रंग दिखता है। यह कांवड़ियों के उत्साह को बढ़ाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
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रोहतक के सांपला गांव निवासी आशीष कुमार का कहना है कि हरियाणा के हर घर में सुख-शांति रहे। इसीलिए वह कांवड़ लेकर आया है। सब लोग मिलकर एक साथ रहें। भाईचारा बना रहे। उनके परिवार में सुख शांति रहे और सब मिल जुलकर आगे बढ़ते रहें, इसलिए वह कांवड़ लेकर आया है। कांवड़ लाने के लिए अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल भी किया गया है। कोई बाइक पर कांवड़ ला रहा है तो कोई स्कूटर पर। कोई शिवभक्त डीसीएम में कोई ठेली पर, कोई ट्रैक्टर पर तो कोई टेंपो में कांवड़ लेकर आया है। साइकिल पर कांवड़ लाने वालों की संख्या भी कम नहीं है।
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