{"_id":"5a95b5b04f1c1b387b8b90df","slug":"181519760816-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं ने बनाई आकर्षक और मनोहारी कलाकृतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं ने बनाई आकर्षक और मनोहारी कलाकृतियां
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। वैदिक कन्या डिग्री कॉलेज में कला प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा निर्मित कलाकृतियोें को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
मंगलवार को दो दिवसीय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ विद्यालय के सचिव अभिमन्यु गुप्ता ने किया। छात्राओं की कलाकृतियों की अभिभावकों, विद्यालय की शिक्षिकाओं और आगंतुकों ने सराहना की। गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष ममता चौधरी के निर्देशन में प्रदर्शनी में छात्राओं ने हस्त कला का प्रदर्शन करते हुए टाई एंड डाई, स्क्रीनिंग, ब्लॉक प्रिंट, रंगोली, थाल, क्लश सज्जा, बच्चों के खिलौनों, कठपुतलियां का प्रदर्शन किया। चित्रकला की विभागाध्यक्ष शिल्पा वर्मा के मार्गदर्शन में लड़कियों ने कलाकृतियां बताई। प्राचार्य डॉ. कमला अग्रवाल ने कहा कि कॉलेज की छिपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए अन्य पाठ्य विषयों के साथ गृह विज्ञान एवं चित्रकला जैसे विषयों की अनिवार्यता जरूरी होनी चाहिए। इससे छात्राओं को जीवोपार्जन के लिए सहायक बनाया जा सकता है। निर्णायक मंडल में डॉ. शिवानी वर्मा, डॉ. वंदना शर्मा। निर्मामला देवी, अनिता, वंदना राघव, राखी, कीर्ति गोयल, ममता चौधरी, डॉ. शमा परवीन, सुमन शर्मा, संजय सौनी का सहयोग रहा।
विज्ञापन
मंगलवार को दो दिवसीय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ विद्यालय के सचिव अभिमन्यु गुप्ता ने किया। छात्राओं की कलाकृतियों की अभिभावकों, विद्यालय की शिक्षिकाओं और आगंतुकों ने सराहना की। गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष ममता चौधरी के निर्देशन में प्रदर्शनी में छात्राओं ने हस्त कला का प्रदर्शन करते हुए टाई एंड डाई, स्क्रीनिंग, ब्लॉक प्रिंट, रंगोली, थाल, क्लश सज्जा, बच्चों के खिलौनों, कठपुतलियां का प्रदर्शन किया। चित्रकला की विभागाध्यक्ष शिल्पा वर्मा के मार्गदर्शन में लड़कियों ने कलाकृतियां बताई। प्राचार्य डॉ. कमला अग्रवाल ने कहा कि कॉलेज की छिपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए अन्य पाठ्य विषयों के साथ गृह विज्ञान एवं चित्रकला जैसे विषयों की अनिवार्यता जरूरी होनी चाहिए। इससे छात्राओं को जीवोपार्जन के लिए सहायक बनाया जा सकता है। निर्णायक मंडल में डॉ. शिवानी वर्मा, डॉ. वंदना शर्मा। निर्मामला देवी, अनिता, वंदना राघव, राखी, कीर्ति गोयल, ममता चौधरी, डॉ. शमा परवीन, सुमन शर्मा, संजय सौनी का सहयोग रहा।