{"_id":"59b19b894f1c1be17f8b4c03","slug":"181504811913-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षमावाणी पर्व पर लोगों से क्षमा याचना मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षमावाणी पर्व पर लोगों से क्षमा याचना मांगी
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षमा वाणी पर्व पर लोगों से क्षमा याचना मांगी
बड़ौत (बागपत)।विहर्ष सभागार में क्षमा वाणी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिनेंद्र भगवान और गुरुओं के चित्र का अनावरण किया।
इस मौके पर अंकित जैन ने दीप जलाया और चित्र अनावरण मनोज जैन ने किया। बह्मचारी नीरज जैन ने क्षमा वाणी पर्व पर विचार रखे। इस मौके पर डॉ. श्रेयासं कुमार जैन ने कहा क्षमा वाणी वर्ण किसी जाति वरण या संप्रदाय का पर्व नहीं है। यह तो मानव मात्र का धर्म है, इसलिए यदि इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाए तो देश की वमनस्य आतंकवाद आदि की सभी समस्याएं सुलझ सकती है। इस मौके पर अनुमान सागर महाराज ने कहा 10 दिन पर्व मनाना तभी सार्थक है, जब वर्ष के 355 दिन क्षमा भाव बना रहे। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा क्षमा वाणी पर्व सबको मिलकर मनाना चाहिए। इस में मदन लाल जैन, प्रमोद जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, शशि जैन, अखिलेश जैन, संदीप जैन आदि रहे।
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)।विहर्ष सभागार में क्षमा वाणी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिनेंद्र भगवान और गुरुओं के चित्र का अनावरण किया।
इस मौके पर अंकित जैन ने दीप जलाया और चित्र अनावरण मनोज जैन ने किया। बह्मचारी नीरज जैन ने क्षमा वाणी पर्व पर विचार रखे। इस मौके पर डॉ. श्रेयासं कुमार जैन ने कहा क्षमा वाणी वर्ण किसी जाति वरण या संप्रदाय का पर्व नहीं है। यह तो मानव मात्र का धर्म है, इसलिए यदि इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाए तो देश की वमनस्य आतंकवाद आदि की सभी समस्याएं सुलझ सकती है। इस मौके पर अनुमान सागर महाराज ने कहा 10 दिन पर्व मनाना तभी सार्थक है, जब वर्ष के 355 दिन क्षमा भाव बना रहे। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा क्षमा वाणी पर्व सबको मिलकर मनाना चाहिए। इस में मदन लाल जैन, प्रमोद जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, शशि जैन, अखिलेश जैन, संदीप जैन आदि रहे।