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जल संरक्षण का दिया संदेश
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:12 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज और चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में बृहस्पतिवार को विश्व जल दिवस पर संगोष्ठी हुई। इसके बाद जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया।
संगोष्ठी का शुभारंभ डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी, प्रबंधक विक्रम तोमर, प्रधानाचार्य राजीव तोमर और रणपाल सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। चौधरी ने कहा कि मौजूदा दौर में जल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इसके चलते पेयजल संकट बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में भूजल दोहन की स्थिति चिंताजनक है। इसके बाद जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता मेें प्रथम रहीं वंशिका, द्वितीय दीपिका, तृतीय सुषमा और चतुर्थ स्थान पर रही अवंतिका को सम्मानित किया।
उधर, चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में जल संरक्षण गोष्ठी का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष डॉ. आरपीएस तोमर, सचिव डॉ. मनीष तोमर और प्रधानाचार्य जेपी सिंह ने किया। सचिव डॉ. मनीष तोमर ने कहा कि जिस तरह लोग बेफिक्र होकर पानी को बर्बाद कर रहे है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाली कुछ सालों में पीने के पानी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। पानी की बर्बादी नहीं थमी तो यमुना और हिंडन दोआब की धरती सहरा में बदल जाएगी। यहां भी जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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इसके अलावा विजयी भव विद्यापीठ में चेयरमैन सतीश मान ने जल संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन और अंधाधुंध पेड़ कटान के कारण जलस्तर पर फर्क पड़ा है। इसलिए जल संरक्षण से पहले प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना होगा।
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज और चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में बृहस्पतिवार को विश्व जल दिवस पर संगोष्ठी हुई। इसके बाद जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया।
संगोष्ठी का शुभारंभ डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी, प्रबंधक विक्रम तोमर, प्रधानाचार्य राजीव तोमर और रणपाल सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। चौधरी ने कहा कि मौजूदा दौर में जल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इसके चलते पेयजल संकट बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में भूजल दोहन की स्थिति चिंताजनक है। इसके बाद जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता मेें प्रथम रहीं वंशिका, द्वितीय दीपिका, तृतीय सुषमा और चतुर्थ स्थान पर रही अवंतिका को सम्मानित किया।
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उधर, चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में जल संरक्षण गोष्ठी का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष डॉ. आरपीएस तोमर, सचिव डॉ. मनीष तोमर और प्रधानाचार्य जेपी सिंह ने किया। सचिव डॉ. मनीष तोमर ने कहा कि जिस तरह लोग बेफिक्र होकर पानी को बर्बाद कर रहे है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाली कुछ सालों में पीने के पानी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। पानी की बर्बादी नहीं थमी तो यमुना और हिंडन दोआब की धरती सहरा में बदल जाएगी। यहां भी जल संरक्षण पर हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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इसके अलावा विजयी भव विद्यापीठ में चेयरमैन सतीश मान ने जल संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन और अंधाधुंध पेड़ कटान के कारण जलस्तर पर फर्क पड़ा है। इसलिए जल संरक्षण से पहले प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना होगा।