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मलकपुर चीनी मिल पर किसानों का हंगामा, धरना दिया
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मलकपुर चीनी मिल पर किसानों का हंगामा, धरना दिया
बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में गन्ना भुगतान न होने पर क्षेत्र के किसानों ने मिल पहुंचकर हंगामा किया और ट्रैक्टर ट्रालियों और बुग्गियों को क्रेन से बाहर पलट दिया। गन्ना क्रेन मेें न जाने से मिल पौने घंटे तक बंद रहा। बाद में तहसीलदार और जिला गन्ना अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि बार-बार भुगतान की तिथि घोषित की जा रही है। लेकिन भुगतान नहीं दिया जा रहा है। बाद में मिल महाप्रबंधक की ओर से जनवरी के अंतिम सप्ताह तक गन्ने का समस्त भुगतान कराने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
मलकपुर मिल में बावली, गूंगाखेडी, लोयन, बड़ौत, बामनौली, जिवाना, बरवाला और अन्य मिल से जुडे़ गांव के किसान मिल पर पहुंचे और भुगतान न होने पर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। गन्ना लेकर आए ट्रैक्टर लेकर उन्होंने क्रेन के बाहर ही पलट दिया। इससे सप्लाई बंद हो गई और मिल बंद हो गया। इस दौरान किसानों के बीच पीआरओ विनय कुमार पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने कहा कि 31 दिसंबर तक भुगतान की घोषणा के बाद भी मिल द्वारा भुगतान नहीं कराया जा रहा है। इससे किसान परेशान हैं और पर्चियां भी समय पर नहीं मिल रही हैं। काफी समय बाद यदि मिल का बड़ा अधिकारी लिखित में भुगतान देने की बात कहे तो वे विचार कर सकते हैं।
इसके बाद तहसीलदार प्रदीप कुमार व जिला गन्ना अधिकारी विनित कुमार किसानों के बीच पहुंचे। मिल के महाप्रबंधक की ओर से बताया गया कि सत्र 2017-18 के गन्ना भुगतान 31 दिसंबर 2018 तक 230 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अवशेष भुगतान के लिए चीनी मिल को 100 करोड़ रुपये का सॉफ्ट ऋण पास हो चुका है। ऋण प्राप्त होते ही जनवरी के अंतिम सप्ताह तक भुगतान कर दिया जाएगा, तब जाकर धरना समाप्त हुआ। मिल मेें पेराई शुरू हुई। इस अवसर पर चौधरी सुभाष, विनोद, सुभाष, सुदेश, जिला पंचायत सदस्य निशांत तोमर, दीपक प्रधान लोयन, डायरेक्टर नरेश, सुरेश आदि शामिल रहे।
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छावनी में तब्दील हुआ मिल
बड़ौत। किसानों के हंगामे की सूचना पर मिल अधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था कराएं जाने की मांग की थी। इस पर शुक्रवार को मिल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और पुलिस ने किसानों को मिल के अंदर नहीं घुसने दिया।
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बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में गन्ना भुगतान न होने पर क्षेत्र के किसानों ने मिल पहुंचकर हंगामा किया और ट्रैक्टर ट्रालियों और बुग्गियों को क्रेन से बाहर पलट दिया। गन्ना क्रेन मेें न जाने से मिल पौने घंटे तक बंद रहा। बाद में तहसीलदार और जिला गन्ना अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि बार-बार भुगतान की तिथि घोषित की जा रही है। लेकिन भुगतान नहीं दिया जा रहा है। बाद में मिल महाप्रबंधक की ओर से जनवरी के अंतिम सप्ताह तक गन्ने का समस्त भुगतान कराने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
मलकपुर मिल में बावली, गूंगाखेडी, लोयन, बड़ौत, बामनौली, जिवाना, बरवाला और अन्य मिल से जुडे़ गांव के किसान मिल पर पहुंचे और भुगतान न होने पर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। गन्ना लेकर आए ट्रैक्टर लेकर उन्होंने क्रेन के बाहर ही पलट दिया। इससे सप्लाई बंद हो गई और मिल बंद हो गया। इस दौरान किसानों के बीच पीआरओ विनय कुमार पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने कहा कि 31 दिसंबर तक भुगतान की घोषणा के बाद भी मिल द्वारा भुगतान नहीं कराया जा रहा है। इससे किसान परेशान हैं और पर्चियां भी समय पर नहीं मिल रही हैं। काफी समय बाद यदि मिल का बड़ा अधिकारी लिखित में भुगतान देने की बात कहे तो वे विचार कर सकते हैं।
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इसके बाद तहसीलदार प्रदीप कुमार व जिला गन्ना अधिकारी विनित कुमार किसानों के बीच पहुंचे। मिल के महाप्रबंधक की ओर से बताया गया कि सत्र 2017-18 के गन्ना भुगतान 31 दिसंबर 2018 तक 230 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अवशेष भुगतान के लिए चीनी मिल को 100 करोड़ रुपये का सॉफ्ट ऋण पास हो चुका है। ऋण प्राप्त होते ही जनवरी के अंतिम सप्ताह तक भुगतान कर दिया जाएगा, तब जाकर धरना समाप्त हुआ। मिल मेें पेराई शुरू हुई। इस अवसर पर चौधरी सुभाष, विनोद, सुभाष, सुदेश, जिला पंचायत सदस्य निशांत तोमर, दीपक प्रधान लोयन, डायरेक्टर नरेश, सुरेश आदि शामिल रहे।
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छावनी में तब्दील हुआ मिल
बड़ौत। किसानों के हंगामे की सूचना पर मिल अधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था कराएं जाने की मांग की थी। इस पर शुक्रवार को मिल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और पुलिस ने किसानों को मिल के अंदर नहीं घुसने दिया।