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पैमाइश शुरू, बरनावा आश्रम ने कब्जाई है जमीन
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:28 AM IST
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बिनौली (बागपत)। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के जेल पहुंचते ही यूपी के इकलौते डेरे बरनावा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वन विभाग की टीम ने आश्रम के बाहर वन क्षेत्र की पैमाइश की। डीएफओ ने स्वीकार किया है आश्रम ने वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया है। कितनी जमीन कब्जाई गई, यह सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा। एसडीएम बड़ौत ने कहा जांच के लिए चकबंदी और वन विभाग की टीम बनाई गई है।
डेरा सच्चा सौदा ने 15 अगस्त 1980 को बरनावा में डेरे की स्थापना की । सवाल और शिकायतें कई बार हुई, लेकिन जांच का शिकंजा पहली बार कसता दिख रहा है। उप प्रभागीय वन अधिकारी बड़ौत सुधीर कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को आश्रम से सटी वन विभाग की जमीन की पैमाइश शुरू की। करीब एक घंटे तक वन विभाग की टीम वन क्षेत्र में पैमाइश करती रही। गाटा संख्या 2884 की करीब डेढ़ बीघा जमीन मौके पर नहीं मिली है। इसके अलावा गाटा संख्या 2725, 2727, 2870, 2874 और 2876 की पैमाइश में जमीन कम मिली है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया डीएफओ को मामले से अवगत दिया गया है। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा प्राथमिक जांच में वन विभाग की जमीन पर आश्रम का अतिक्रमण होने की पुष्टि हो रही है। मंगलवार को जांच के लिए पहुंची टीम के साथ विभाग का सर्वेयर नहीं था, इस कारण स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चकबंदी विभाग की टीम और सर्वेयर के साथ यहां बुधवार से दोबारा सर्वे कराया जा सकेगा। इसके बाद ही यह स्थिति स्पष्ट होगी कि वन विभाग की कितनी जमीन कब्जाई गई है। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने कहा जांच के लिए वह पहले ही टीम गठित कर चुके हैं। वन विभाग की टीम में रेंजर राजपाल सिंह, डिप्टी रेंजर, वन दारोगा चंद किरण शर्मा, वन रक्षक मनोज कुमार, ओम सिंह, चौकीदार नीटू शामिल हैं।
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प्रबंधक बोले, सिरसा में जमीन का रिकॉर्ड
बिनौली। बरनावा आश्रम के प्रबंधक अनिरुद्ध उर्फ गुड्डन त्यागी ने कहा कोई कब्जा नहीं किया गया। आश्रम के पास बैनामा के कागजात हैं, इसके अलावा एक इंच जमीन नहीं कब्जाई गई। आश्रम और कृषि भूमि के सवाल पर उन्होंने कहा जमीन का रिकॉर्ड सिरसा में है। चकबंदी की प्रक्रिया की देखरेख में सिरसा आश्रम के पदाधिकारी ही कर रहे । सिरसा से फिलहाल संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। आश्रम के पास कितनी जमीन है, प्रबंधक इस बाबत नहीं बता पाए।
आश्रम में इन होते ही आउट हो गई टीम
बिनौली। करीब एक घंटे तक आश्रम के बाहर जमीन की छानबीन करने वाली वन विभाग की टीम आश्रम के भीतर जांच नहीं कर सकी। मुख्य गेट से टीम ने आश्रम में एंट्री की, मार्ग पर ही प्रबंधक गुड्डन त्यागी मिल गए। कुछ देर बात कर टीम यहीं से बगैर अंदर जांच किए लौट गई। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा मेरठ से विभाग का सर्वेयर बुलाकर जांच की जाएगी।
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डेरा सच्चा सौदा ने 15 अगस्त 1980 को बरनावा में डेरे की स्थापना की । सवाल और शिकायतें कई बार हुई, लेकिन जांच का शिकंजा पहली बार कसता दिख रहा है। उप प्रभागीय वन अधिकारी बड़ौत सुधीर कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को आश्रम से सटी वन विभाग की जमीन की पैमाइश शुरू की। करीब एक घंटे तक वन विभाग की टीम वन क्षेत्र में पैमाइश करती रही। गाटा संख्या 2884 की करीब डेढ़ बीघा जमीन मौके पर नहीं मिली है। इसके अलावा गाटा संख्या 2725, 2727, 2870, 2874 और 2876 की पैमाइश में जमीन कम मिली है।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया डीएफओ को मामले से अवगत दिया गया है। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा प्राथमिक जांच में वन विभाग की जमीन पर आश्रम का अतिक्रमण होने की पुष्टि हो रही है। मंगलवार को जांच के लिए पहुंची टीम के साथ विभाग का सर्वेयर नहीं था, इस कारण स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चकबंदी विभाग की टीम और सर्वेयर के साथ यहां बुधवार से दोबारा सर्वे कराया जा सकेगा। इसके बाद ही यह स्थिति स्पष्ट होगी कि वन विभाग की कितनी जमीन कब्जाई गई है। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने कहा जांच के लिए वह पहले ही टीम गठित कर चुके हैं। वन विभाग की टीम में रेंजर राजपाल सिंह, डिप्टी रेंजर, वन दारोगा चंद किरण शर्मा, वन रक्षक मनोज कुमार, ओम सिंह, चौकीदार नीटू शामिल हैं।
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प्रबंधक बोले, सिरसा में जमीन का रिकॉर्ड
बिनौली। बरनावा आश्रम के प्रबंधक अनिरुद्ध उर्फ गुड्डन त्यागी ने कहा कोई कब्जा नहीं किया गया। आश्रम के पास बैनामा के कागजात हैं, इसके अलावा एक इंच जमीन नहीं कब्जाई गई। आश्रम और कृषि भूमि के सवाल पर उन्होंने कहा जमीन का रिकॉर्ड सिरसा में है। चकबंदी की प्रक्रिया की देखरेख में सिरसा आश्रम के पदाधिकारी ही कर रहे । सिरसा से फिलहाल संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। आश्रम के पास कितनी जमीन है, प्रबंधक इस बाबत नहीं बता पाए।
आश्रम में इन होते ही आउट हो गई टीम
बिनौली। करीब एक घंटे तक आश्रम के बाहर जमीन की छानबीन करने वाली वन विभाग की टीम आश्रम के भीतर जांच नहीं कर सकी। मुख्य गेट से टीम ने आश्रम में एंट्री की, मार्ग पर ही प्रबंधक गुड्डन त्यागी मिल गए। कुछ देर बात कर टीम यहीं से बगैर अंदर जांच किए लौट गई। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा मेरठ से विभाग का सर्वेयर बुलाकर जांच की जाएगी।