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अक्षय तृतीया पर 11 साल बाद आया स्वयं सिद्धि मुहूर्त
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:12 AM IST
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बागपत। 11 साल बाद अक्षय तृतीय पर विशेष संयोग बन रहा है। स्वयं सिद्धि मुहूर्त है। इस दिन किया गया दान हमेशा और स्थायी रहता है। सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। नवदंपति के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का कभी क्षय नहीं होता है।
इस बार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीय है। इस दिन शादी करना को शुभ मुहूर्त मानते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि 11 साल बाद अक्षय तृतीय पर विशेष योग बन रहा है। इस बार स्वयं सिद्धि मुहूर्त पड़ रहा है। स्वयं सिद्धि योग पड़ने से सोने पे सुहागा वाली स्थिति बन रही है। अक्षय तृतीय पर जो लोग विवाह बंधन कर दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले हैं उनके लिए यह वरदान स्वरूप है। इस दिन किए गए कार्य कभी क्षय नहीं होता है। विवाह संस्कार में सिंह लग्न एवं कुंभ लग्न का विशेष महत्व है। इस बार सिंह लग्न शाम को 4:10 बजे से प्रारंभ है। कुंभ लग्न रात्रि 2:50 से प्रारंभ हो रहा है। इन लग्नों में विवाह होने से दांपत्य जीवन में कभी नीरसता नहीं आती है। उत्तम दांपत्य सुख के साथ उत्तम संतान का सुख प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। किसान भगवान विष्णु की पूजा करके अच्छी फसल की कामना करते हैं।
इस दिन शुभ होता है दान देना
अक्षय तृतीय पर शक्कर, अनाज, फल, सब्जी, इमली, कपड़े, सोना, चांदी का दान करना अत्यंत शुभ दायी होता है। छोटे-छोटे दान का भी विशेष महत्व फलदायी होता है।
नहीं चहक रहा सराफा बाजार
बागपत। अक्षय तृतीय नजदीक है, लेकिन सर्राफा बाजार में चहल-पहल नहीं दिखाई दे रही है। सराफा व्यापारी गोपाल वर्मा ने कहा कि मंदी के कारण सोना चांदी के बाजार में ग्राहकों की कमी है। इस कारण व्यापार पूरी तरह से ठंडा पड़ा है। मंदी का सबसे अधिक असर सोना चांदी के कारोबार पर पड़ रहा है। अक्षय तृतीय पर भी बाजार सुनसान रहने की उम्मीद है। सराफा मनोज वर्मा ने कहा कि किसान और मजदूर वर्ग गेहूं की फसल कटाई में लगे हुए हैं। गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान नियमित नहीं हो रहा है। इस कारण भी अक्षय तृतीय पर इतनी गहनों की इतने खरीददारी नहीं होगी। सराफा राधेलाल वर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीय पर सोने-चांदी के गहने की खरीद बहुत कम होने की उम्मीद है। सराफा पप्पू वर्मा ने कहा कि बाजार में ग्राहक नहीं है। अक्षय तृतीय पर भी जिले के सोना चांदी के कारोबार पर आसार नजर आ रहा है।
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इस बार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीय है। इस दिन शादी करना को शुभ मुहूर्त मानते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि 11 साल बाद अक्षय तृतीय पर विशेष योग बन रहा है। इस बार स्वयं सिद्धि मुहूर्त पड़ रहा है। स्वयं सिद्धि योग पड़ने से सोने पे सुहागा वाली स्थिति बन रही है। अक्षय तृतीय पर जो लोग विवाह बंधन कर दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले हैं उनके लिए यह वरदान स्वरूप है। इस दिन किए गए कार्य कभी क्षय नहीं होता है। विवाह संस्कार में सिंह लग्न एवं कुंभ लग्न का विशेष महत्व है। इस बार सिंह लग्न शाम को 4:10 बजे से प्रारंभ है। कुंभ लग्न रात्रि 2:50 से प्रारंभ हो रहा है। इन लग्नों में विवाह होने से दांपत्य जीवन में कभी नीरसता नहीं आती है। उत्तम दांपत्य सुख के साथ उत्तम संतान का सुख प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। किसान भगवान विष्णु की पूजा करके अच्छी फसल की कामना करते हैं।
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इस दिन शुभ होता है दान देना
अक्षय तृतीय पर शक्कर, अनाज, फल, सब्जी, इमली, कपड़े, सोना, चांदी का दान करना अत्यंत शुभ दायी होता है। छोटे-छोटे दान का भी विशेष महत्व फलदायी होता है।
नहीं चहक रहा सराफा बाजार
बागपत। अक्षय तृतीय नजदीक है, लेकिन सर्राफा बाजार में चहल-पहल नहीं दिखाई दे रही है। सराफा व्यापारी गोपाल वर्मा ने कहा कि मंदी के कारण सोना चांदी के बाजार में ग्राहकों की कमी है। इस कारण व्यापार पूरी तरह से ठंडा पड़ा है। मंदी का सबसे अधिक असर सोना चांदी के कारोबार पर पड़ रहा है। अक्षय तृतीय पर भी बाजार सुनसान रहने की उम्मीद है। सराफा मनोज वर्मा ने कहा कि किसान और मजदूर वर्ग गेहूं की फसल कटाई में लगे हुए हैं। गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान नियमित नहीं हो रहा है। इस कारण भी अक्षय तृतीय पर इतनी गहनों की इतने खरीददारी नहीं होगी। सराफा राधेलाल वर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीय पर सोने-चांदी के गहने की खरीद बहुत कम होने की उम्मीद है। सराफा पप्पू वर्मा ने कहा कि बाजार में ग्राहक नहीं है। अक्षय तृतीय पर भी जिले के सोना चांदी के कारोबार पर आसार नजर आ रहा है।
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