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मंडलायुक्त ने ग्राम निधि की धनराशि पर रोक लगाई
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:06 AM IST
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बागपत। दाहा गांव में 13 हजार का घोटाला सिद्ध होने पर मंडलायुक्त ने ग्राम निधि की धनराशि पर रोक लगवा दी है। वहीं डीएम को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले पकड़ में आ रहे हैं। दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 84 लाख के तारकोल घोटाला, धनौरा सिल्वर नगर में पाइप पेयजल योजना में 13 लाख की गड़बड़ी, मनरेगा में करीब 49 लाख के घोटाला में आज तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ की दो-दो बार जांच हो चुकी है। अभी हाल फिलहाल में दाहा गांव में जांच समिति ने 13 हजार रुपये का घोटाला पकड़ा तो ग्राम निधि की धनराशि पर मंडलायुक्त ने रोक लगवा दी। वहीं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तक के निर्देश दिए हैं। गांव में बिना किसी कार्ययोजना और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति विकास कार्य करा दिए, सभी बजट खर्च कर दिया। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इसकी जांच कराई तो इसमें गड़बड़ी मिली । जिसमें 13 हजार रुपये का घोटाला साबित हुआ । उन्होंने तत्काल प्रभाव से दाहा गांव के ग्राम निधि के खाते पर रोक लगाने और पंचायत सचिव और प्रधान से गबन की गई धनराशि की रिकवरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले पकड़ में आ रहे हैं। दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 84 लाख के तारकोल घोटाला, धनौरा सिल्वर नगर में पाइप पेयजल योजना में 13 लाख की गड़बड़ी, मनरेगा में करीब 49 लाख के घोटाला में आज तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ की दो-दो बार जांच हो चुकी है। अभी हाल फिलहाल में दाहा गांव में जांच समिति ने 13 हजार रुपये का घोटाला पकड़ा तो ग्राम निधि की धनराशि पर मंडलायुक्त ने रोक लगवा दी। वहीं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तक के निर्देश दिए हैं। गांव में बिना किसी कार्ययोजना और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति विकास कार्य करा दिए, सभी बजट खर्च कर दिया। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इसकी जांच कराई तो इसमें गड़बड़ी मिली । जिसमें 13 हजार रुपये का घोटाला साबित हुआ । उन्होंने तत्काल प्रभाव से दाहा गांव के ग्राम निधि के खाते पर रोक लगाने और पंचायत सचिव और प्रधान से गबन की गई धनराशि की रिकवरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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