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आधार बना झमेला, जांच के घेरे में 49 हजार बैंक खाते
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:32 AM IST
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आधार बना झमेला, जांच के घेरे में 50 हजार बैंक खाते
बागपत। फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन में कई खामियां सामने आई है। करीब 50 हजार बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें गलत आधार कार्ड प्रदर्शित हो रहा है। एक आधार कार्ड अलग-अलग बैंक खातों में जुड़ा है। अलग-अलग जिलों में एक ही आधार कार्ड के मामले भी हैं। जांच के बाद कुछ बैंकों ने खातों की धनराशि वापस कर दी गई है। कृषि सांख्यकी एवं फसल बीमा के निदेशक ने डीएम और बैंकों के नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
योगी सरकार में जिले से करीब 23 हजार किसानों का फसल ऋण मोचन योजना के तहत करोड़ों रुपये माफ हुए थे। इस योजना से प्रदेश के लाखों किसानों का लाभ पहुंचा। कृषकों ने अलग-अलग बैंकों से योजना का लाभ लिया है।
लेकिन प्रदेश भर में 49966 खाते ऐसे हैं, जिनमें एक ही आधार से अलग-अलग बैंकों से कर्ज माफ कराया गया है। तकनीकी निदेशक एनआईसी लखनऊ राजेश कुमार गंगल ने इसकी समीक्षा की तो काफी खामियां मिली।
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कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश कृषि निदेशक विनोद कुमार ने डीएम और बैंकों के नोडल अधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया कि 49966 खाते ऐसे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक धनराशि प्रदर्शित हो रही है। जिनमें एक ही आधार लिंक है। जांच केवल उन्हीं खातों में हो पा रही जिनमें आधार नंबर उपलब्ध है। जिन खातों में आधार नहीं है उनकी जांच करना संभव नहीं हो पा रहा है। कुछ खातों में एक आधार नंबर और अलग-अलग नाम हैं। अवगत कराया कि डिमांड अलग-अलग चरण में एक आधार पर विभिन्न स्कीमों में जनरेट हुई है। कुछ खातों में एक ही आधार नंबर विभिन्न जनपदों में भी है। निदेशक ने डीएम और नोडल अधिकारी को निर्देशित खातों का सत्यापन कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बागपत। फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन में कई खामियां सामने आई है। करीब 50 हजार बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें गलत आधार कार्ड प्रदर्शित हो रहा है। एक आधार कार्ड अलग-अलग बैंक खातों में जुड़ा है। अलग-अलग जिलों में एक ही आधार कार्ड के मामले भी हैं। जांच के बाद कुछ बैंकों ने खातों की धनराशि वापस कर दी गई है। कृषि सांख्यकी एवं फसल बीमा के निदेशक ने डीएम और बैंकों के नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
योगी सरकार में जिले से करीब 23 हजार किसानों का फसल ऋण मोचन योजना के तहत करोड़ों रुपये माफ हुए थे। इस योजना से प्रदेश के लाखों किसानों का लाभ पहुंचा। कृषकों ने अलग-अलग बैंकों से योजना का लाभ लिया है।
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लेकिन प्रदेश भर में 49966 खाते ऐसे हैं, जिनमें एक ही आधार से अलग-अलग बैंकों से कर्ज माफ कराया गया है। तकनीकी निदेशक एनआईसी लखनऊ राजेश कुमार गंगल ने इसकी समीक्षा की तो काफी खामियां मिली।
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कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश कृषि निदेशक विनोद कुमार ने डीएम और बैंकों के नोडल अधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया कि 49966 खाते ऐसे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक धनराशि प्रदर्शित हो रही है। जिनमें एक ही आधार लिंक है। जांच केवल उन्हीं खातों में हो पा रही जिनमें आधार नंबर उपलब्ध है। जिन खातों में आधार नहीं है उनकी जांच करना संभव नहीं हो पा रहा है। कुछ खातों में एक आधार नंबर और अलग-अलग नाम हैं। अवगत कराया कि डिमांड अलग-अलग चरण में एक आधार पर विभिन्न स्कीमों में जनरेट हुई है। कुछ खातों में एक ही आधार नंबर विभिन्न जनपदों में भी है। निदेशक ने डीएम और नोडल अधिकारी को निर्देशित खातों का सत्यापन कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।