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टीचर के वेतन के अनुसार बढ़ाई जाएगी स्कूलों में फीस
Updated Sun, 06 May 2018 01:28 AM IST
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बागपत। शहर के श्री यमुना इंटर कॉलेज में डीआईओएस ने फीस शुल्क निर्धारण अध्यादेश के संबंध में प्राइवेट स्कूल संचालक और प्रबंधकों के साथ बैठक की और उन्हें नियमों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बैठक में अध्यापकों के वेतन के अनुसार ही फीस बढ़ाने सहित विभिन्न पहलू पर चर्चा की गई।
इस बैठक डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि मनमानी फीस वसूलने को लेकर प्रदेश सरकार ने फीस शुल्क निर्धारण अध्यादेश जारी किया है। इसके अनुसार ही बच्चों की फीस में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने बताया कि अध्यापकों को दिए जा रहे वेतन के अनुसार ही फीस निर्धारण होगा। यह नियम उन स्कूलों पर लागू होगा जो छात्रों से 20 हजार रुपये से अधिक सालाना वसूलते हैं। इससे कम वाले स्कूल इसके दायरे में नहीं जाएंगे। प्रवेश शुल्क बार-बार नहीं लिया जाएगा। पांच साल में स्कूल की ड्रेस नहीं बदली जाएगी। यदि स्कूल की ड्रेस बदली जाएगी उसका निर्णय मंडलीय समिति लेगी, इसके अध्यक्ष कमिश्नर हैं। यह भी कहा कि कोई भी स्कूल बच्चों के अभिभावकों को दुकान का पता नहीं बताएगा कि संबंधित दुकान से ही सामान खरीदना है। उन्होंने कहा यदि किसी स्कूल के बच्चे के अभिभावक की कोई भी शिकायत मिलती है तो संबंधित स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान प्रधानाचार्य कुमुद रानी ने भी निजी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नियमों से अवगत कराया। उन्होंने कहा स्कूल प्रबंधक नियमों को लागू कर प्रशासन और स्कूली बच्चों के अभिभावकों को सहयोग करें। यदि कोई नियम के खिलाफ काम करेगा तो संबंधित के खिलाफ सरकार के नियम के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में करीब 35 स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक पहुंचे।
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इस बैठक डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि मनमानी फीस वसूलने को लेकर प्रदेश सरकार ने फीस शुल्क निर्धारण अध्यादेश जारी किया है। इसके अनुसार ही बच्चों की फीस में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने बताया कि अध्यापकों को दिए जा रहे वेतन के अनुसार ही फीस निर्धारण होगा। यह नियम उन स्कूलों पर लागू होगा जो छात्रों से 20 हजार रुपये से अधिक सालाना वसूलते हैं। इससे कम वाले स्कूल इसके दायरे में नहीं जाएंगे। प्रवेश शुल्क बार-बार नहीं लिया जाएगा। पांच साल में स्कूल की ड्रेस नहीं बदली जाएगी। यदि स्कूल की ड्रेस बदली जाएगी उसका निर्णय मंडलीय समिति लेगी, इसके अध्यक्ष कमिश्नर हैं। यह भी कहा कि कोई भी स्कूल बच्चों के अभिभावकों को दुकान का पता नहीं बताएगा कि संबंधित दुकान से ही सामान खरीदना है। उन्होंने कहा यदि किसी स्कूल के बच्चे के अभिभावक की कोई भी शिकायत मिलती है तो संबंधित स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान प्रधानाचार्य कुमुद रानी ने भी निजी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नियमों से अवगत कराया। उन्होंने कहा स्कूल प्रबंधक नियमों को लागू कर प्रशासन और स्कूली बच्चों के अभिभावकों को सहयोग करें। यदि कोई नियम के खिलाफ काम करेगा तो संबंधित के खिलाफ सरकार के नियम के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में करीब 35 स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक पहुंचे।
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