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168 अग्र्ग चढाकर श्रद्वालुओं ने पूजा-अर्चना की
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:51 AM IST
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168 अर्घ्य चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
फोटो संख्या 22 बीडीटी 2
बड़ौत। अजितनाथ मंदिर कमेटी की ओर से आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में विहर्ष सभागर में 11 दिवसीय कल्पधू्रम में 168 अर्घ्य चढ़ाए गए। विधान का शुभांरभ जिनेंद्र भगवान की प्रतिभाओं के अभिषेक से हुआ। जैन श्रद्धालुओं ने गर्म प्रासुक से जिनेंद्र भगवान का जलाभिषेक किया। शांति धारा का सौभाग्य चक्रवर्ती गौरव जैन, सौ धर्म इंद्र अशोक जैन, कुबेर वीरेंद्र जैन एवं यज्ञ नायक देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। विधानाचार्या डा. रीता दीदी के निर्देशन में 501 इंद्र-इंद्र्राणियों ने भक्ति भाव से कल्पधू्रम विधान की पूजा अर्चना की गई। संगीतकार विजय रंगीला की मधुर लहिरयों पर श्रद्धालु झूम उठे। कल्पधू्रम विधान में खातिका भूमि पूजा लता भूमि पूजा, उपवन भूमि पूजा, ध्वज भूमि पूजा की गई। मांडलेप पर 168 अर्घ्य समर्पित किए गए। विधान के मध्य में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कल्पधु्रम विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस आयोजन मेें प्रमोद जैन, मुकेश जैन, वरदान, संजय, अभय, शरद, आदिश जैन, दिनेश जैन, सुखदर्शन जैन का योगदान रहा।
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फोटो संख्या 22 बीडीटी 2
बड़ौत। अजितनाथ मंदिर कमेटी की ओर से आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में विहर्ष सभागर में 11 दिवसीय कल्पधू्रम में 168 अर्घ्य चढ़ाए गए। विधान का शुभांरभ जिनेंद्र भगवान की प्रतिभाओं के अभिषेक से हुआ। जैन श्रद्धालुओं ने गर्म प्रासुक से जिनेंद्र भगवान का जलाभिषेक किया। शांति धारा का सौभाग्य चक्रवर्ती गौरव जैन, सौ धर्म इंद्र अशोक जैन, कुबेर वीरेंद्र जैन एवं यज्ञ नायक देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। विधानाचार्या डा. रीता दीदी के निर्देशन में 501 इंद्र-इंद्र्राणियों ने भक्ति भाव से कल्पधू्रम विधान की पूजा अर्चना की गई। संगीतकार विजय रंगीला की मधुर लहिरयों पर श्रद्धालु झूम उठे। कल्पधू्रम विधान में खातिका भूमि पूजा लता भूमि पूजा, उपवन भूमि पूजा, ध्वज भूमि पूजा की गई। मांडलेप पर 168 अर्घ्य समर्पित किए गए। विधान के मध्य में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कल्पधु्रम विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस आयोजन मेें प्रमोद जैन, मुकेश जैन, वरदान, संजय, अभय, शरद, आदिश जैन, दिनेश जैन, सुखदर्शन जैन का योगदान रहा।