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मच्छर से बचने की जानकारी दी
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:04 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
मच्छरों द्वारा फैलाएं जा रहे रोगों की रोकथाम के लिए सोमवार को सीएचसी में शिविर लगा। इसमेें मरीजों को मच्छरों से होने वाली बीमारी और उनके बचाव की जानकारी दी।
शिविर का शुभारंभ सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक और ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने संयुक्त रूप से किया। शिविर मेें जौनमाना, ढिकाना, लुहारी, बड़का, कोताना, बोहला, मलकपुर आदि गांवों से लोग पहुंचे। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक ने कहा कि गर्मी सीजन शुरू होते ही मच्छरों का पैदा होना शुरू हो जाता है। घरों के आसपास टूटे फूटे घडे़, प्लास्टिक के बर्तन, वाहनों के टायरों आदि को तत्काल नष्ट कर दें, क्योंकि इनमें पानी रुकने से मच्छर पैदा हो जाते है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया आदि बीमारी हो जाती है। कई बार तो बीमारी में लापरवाही पर आदमी की जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि घरों के अंदर कूलर, घडे़, पानी की टंकी, फ्रिज के डिफ्रास्ट पेन आदि के पानी को एक सप्ताह के पूर्व सूखा दें। कूलर के पानी को बदलते समय किनारे वाले भाग को रगड़ कर साफ करें। इससे बीमारी से बचाया जा सकता है।
बचाव के तरीके
छोटे बच्चों को मच्छर दानी में सुलाए।
स्थानीय उपाय एवं मच्छर दानी आदि प्रयोग मेें लाए।
शरीर के अधिकांश भाग को ढकने वाले कपड़े पहने।
स्कूल के बच्चों को पूरी आस्तीन के कपडे़ पहनाएं।
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मच्छरों द्वारा फैलाएं जा रहे रोगों की रोकथाम के लिए सोमवार को सीएचसी में शिविर लगा। इसमेें मरीजों को मच्छरों से होने वाली बीमारी और उनके बचाव की जानकारी दी।
शिविर का शुभारंभ सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक और ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने संयुक्त रूप से किया। शिविर मेें जौनमाना, ढिकाना, लुहारी, बड़का, कोताना, बोहला, मलकपुर आदि गांवों से लोग पहुंचे। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक ने कहा कि गर्मी सीजन शुरू होते ही मच्छरों का पैदा होना शुरू हो जाता है। घरों के आसपास टूटे फूटे घडे़, प्लास्टिक के बर्तन, वाहनों के टायरों आदि को तत्काल नष्ट कर दें, क्योंकि इनमें पानी रुकने से मच्छर पैदा हो जाते है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया आदि बीमारी हो जाती है। कई बार तो बीमारी में लापरवाही पर आदमी की जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि घरों के अंदर कूलर, घडे़, पानी की टंकी, फ्रिज के डिफ्रास्ट पेन आदि के पानी को एक सप्ताह के पूर्व सूखा दें। कूलर के पानी को बदलते समय किनारे वाले भाग को रगड़ कर साफ करें। इससे बीमारी से बचाया जा सकता है।
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बचाव के तरीके
छोटे बच्चों को मच्छर दानी में सुलाए।
स्थानीय उपाय एवं मच्छर दानी आदि प्रयोग मेें लाए।
शरीर के अधिकांश भाग को ढकने वाले कपड़े पहने।
स्कूल के बच्चों को पूरी आस्तीन के कपडे़ पहनाएं।