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जहां श्रद्धा होती है, वहां बढ़ता है प्रेमभाव
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बागपत। स्थानक का शिलान्यास करने पहुंचे जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने कहा कि धर्म से जीवन में मानवता, सौहार्द, भाईचारों का संदेश मिलता है। सत्य और असत्य का ज्ञान मिलता है।
शहर के जैन मोहल्ले में जैन समाज की ओर से जैन स्थानक शुभ शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ससंघ कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सत्संग, संत, कथा नैतिक शिविर के माध्यम से संसकारों का रोपण होता है। जहां श्रद्धा होती है, वहां परस्पर प्रेमभाव बढ़ता है। वहां संतों का सानिध्य, धर्म संस्कार जीवन में पल्लवित होते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग संजीवन में ज्ञान, ज्ञान से तप आराधना आती है। सत्संग ही अशुभ कर्म, पाप, मन का ताप, तन का ताप दूर करने का मार्ग है। यहां पर बुराईयों को दूर करने का मार्ग बताते है। संमार्ग की शक्ति मिलती है। ससंघ में पहुंचे अमित मुनि, सुमित मुनि, सुमेर मुनि, श्रेयांस मुनि, वसंत मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण जैन और संजय रूहेला ने किया। सुधीर जैन, राहुल जैन, सुशील कुमार जैन, सुनील कुमार जैन, प्रहलाद जैन, बिजेंद्र जैन, संजीव जैन, पंकज जैन, अतुल जैन, शिखरचंद जैन, मुकेश जैन, अशोक जैन मौजूद रहे।
48 दिवसीय भक्तामर विधान का हुआ समापन
बागपत। सरूरपुर कलां गांव स्थित श्री 1008 नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों ने मंगलाचरण के माध्यम से किया। फिर मुनिश्री निर्वाण भूषण जी महाराज का पिच्छी व कमण्डल परिवर्तन, पूजन पाद प्रक्षालन, एवं शास्त्र भेंट किया। सुदेश जैन, रवि जैन, प्रदीप जैन, विशु जैन, नमन जैन मौजूद रहे।
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शहर के जैन मोहल्ले में जैन समाज की ओर से जैन स्थानक शुभ शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ससंघ कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सत्संग, संत, कथा नैतिक शिविर के माध्यम से संसकारों का रोपण होता है। जहां श्रद्धा होती है, वहां परस्पर प्रेमभाव बढ़ता है। वहां संतों का सानिध्य, धर्म संस्कार जीवन में पल्लवित होते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग संजीवन में ज्ञान, ज्ञान से तप आराधना आती है। सत्संग ही अशुभ कर्म, पाप, मन का ताप, तन का ताप दूर करने का मार्ग है। यहां पर बुराईयों को दूर करने का मार्ग बताते है। संमार्ग की शक्ति मिलती है। ससंघ में पहुंचे अमित मुनि, सुमित मुनि, सुमेर मुनि, श्रेयांस मुनि, वसंत मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण जैन और संजय रूहेला ने किया। सुधीर जैन, राहुल जैन, सुशील कुमार जैन, सुनील कुमार जैन, प्रहलाद जैन, बिजेंद्र जैन, संजीव जैन, पंकज जैन, अतुल जैन, शिखरचंद जैन, मुकेश जैन, अशोक जैन मौजूद रहे।
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48 दिवसीय भक्तामर विधान का हुआ समापन
बागपत। सरूरपुर कलां गांव स्थित श्री 1008 नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों ने मंगलाचरण के माध्यम से किया। फिर मुनिश्री निर्वाण भूषण जी महाराज का पिच्छी व कमण्डल परिवर्तन, पूजन पाद प्रक्षालन, एवं शास्त्र भेंट किया। सुदेश जैन, रवि जैन, प्रदीप जैन, विशु जैन, नमन जैन मौजूद रहे।
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