{"_id":"5a36b2734f1c1b74698c25b8","slug":"11513534067-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बामनौली में चकबंदी को लेकर हुई पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बामनौली में चकबंदी को लेकर हुई पंचायत
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चकबंदी में गोलमाल करने वालों पर हो कार्रवाई
दोघट। बामनौली गांव में पूर्व प्रधान महीपाल सिंह के आवास पर किसानों की पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई और किसानों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि 23 दिसंबर को रमाला में मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि बामनौली गांव में हुई चकबंदी प्रक्रिया में सैकड़ों किसानों को जमीन से बेदखल कर दिया गया है। किसी को अपनी जमीन का ये ही पता नहीं कि जमीन कहां है। कोई नदी में ही अपनी जमीन खोज रहा है। किसी को नक्शा 23 व 11 में ही जमीन नहीं मिली तो कोई पट्टे की जमीन से वंचित कर दिया गया। चकबंदी में मनमानी से त्रस्त किसान मुश्किल में हैं। चकबंदी से आहत होकर कुछ दिन पूर्व किसान कृष्णपाल ने आत्महत्या कर ली जबकि कई किसानों ने आत्महत्या प्रयास भी किया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि दबंगों ने चकबंदी कर्मियों से सांठगांठ कर निर्धन और मध्यम वर्ग के किसानों की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। चेतावनी दी की यदि पीड़ित किसानों को न्याय न मिला तो यह लड़ाई आर-पार की होगी। पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया है। पंचायत की अध्यक्षता महेंद्र सिंह प्रभु ने की। संचालन मास्टर महेंद्र ने किया। इस दौरान महीपाल सिह, राजपाल सिंह, महावीर, महेश पाल, सोनू माया, रामेहर, सतवीर, रामकिशन, सोमदत्त, पीतम सिंह, रतन सिंह राजेंद्र, खिलारी सिंह, मांगेराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोघट। बामनौली गांव में पूर्व प्रधान महीपाल सिंह के आवास पर किसानों की पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई और किसानों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि 23 दिसंबर को रमाला में मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि बामनौली गांव में हुई चकबंदी प्रक्रिया में सैकड़ों किसानों को जमीन से बेदखल कर दिया गया है। किसी को अपनी जमीन का ये ही पता नहीं कि जमीन कहां है। कोई नदी में ही अपनी जमीन खोज रहा है। किसी को नक्शा 23 व 11 में ही जमीन नहीं मिली तो कोई पट्टे की जमीन से वंचित कर दिया गया। चकबंदी में मनमानी से त्रस्त किसान मुश्किल में हैं। चकबंदी से आहत होकर कुछ दिन पूर्व किसान कृष्णपाल ने आत्महत्या कर ली जबकि कई किसानों ने आत्महत्या प्रयास भी किया है।
विज्ञापन
किसानों ने आरोप लगाया कि दबंगों ने चकबंदी कर्मियों से सांठगांठ कर निर्धन और मध्यम वर्ग के किसानों की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। चेतावनी दी की यदि पीड़ित किसानों को न्याय न मिला तो यह लड़ाई आर-पार की होगी। पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया है। पंचायत की अध्यक्षता महेंद्र सिंह प्रभु ने की। संचालन मास्टर महेंद्र ने किया। इस दौरान महीपाल सिह, राजपाल सिंह, महावीर, महेश पाल, सोनू माया, रामेहर, सतवीर, रामकिशन, सोमदत्त, पीतम सिंह, रतन सिंह राजेंद्र, खिलारी सिंह, मांगेराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन