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प्रथम किश्त का लाभ पहुंचाने के लिए सत्यापन का कार्य तेज
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किसानों को प्रथम किश्त का लाभ पहुंचाने के लिए सत्यापन तेज
बागपत। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कृषकों को प्रथम किश्त के रूप में दो हजार रुपये का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन जुट गया है। कृषकों का सत्यापन कराया जा रहा है। लेखपाल और अन्य विभागों के कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है। किसान पारदर्शी पोर्टल पर अपलोड सूची को आधार मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर मंडलायुक्त तक ने आदेश जारी किए हुए है।
भारत सरकार ने दो फरवरी को जारी किए बजट में कृषकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित की। जिसके माध्यम से छह हजार रुपये बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाएंगे। तीन किश्तों में लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रथम किश्त 2000 रुपये कृषकों के खाते में पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। 31 मार्च तक खाते में यह धनराशि पहुंचाना निर्धारित किया गया है। किसानों का सत्यापन किसान पारदर्शी पोर्टल पर अपलोड सूची के आधार पर किया जा रहा है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने डीएम को निर्देशित किया कि जिन गांव और मजरों के राजस्व गांवों का पता नहीं चल पा रहा हो, वहां के पंजीकृत किसानों के मोबाइल नंबर से संपर्क कर राजस्व गांव की जानकारी प्राप्त की जाएगी। उसके बाद लेखपाल को सूची सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। कोई भी पात्र कृषक छूटना नहीं चाहिए। डाटा के साथ छेड़छाड़ न हो इसके लिए पोर्टल से ही सूची निकाली जाएगी। कोई डाटा संशोधित किया जाता है तो उसे उप कृषि निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर से पोर्टल पर सूचना विज्ञान अधिकारी के सहयोग से अपलोड कराया जाएगा। इस संबंध में मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने भी आदेश जारी किए हैं। सीडीओ पीसी जायसवाल ने उप कृषि निदेशक कार्यालय पहुंचकर योजना का फीडबैक लिया। तहसीलों से सत्यापन न होने की बात कही गई है। कृषि अधिकारी को तेज गति से कार्य करने के लिए निर्देशित किया है।
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बागपत। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कृषकों को प्रथम किश्त के रूप में दो हजार रुपये का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन जुट गया है। कृषकों का सत्यापन कराया जा रहा है। लेखपाल और अन्य विभागों के कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है। किसान पारदर्शी पोर्टल पर अपलोड सूची को आधार मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर मंडलायुक्त तक ने आदेश जारी किए हुए है।
भारत सरकार ने दो फरवरी को जारी किए बजट में कृषकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित की। जिसके माध्यम से छह हजार रुपये बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाएंगे। तीन किश्तों में लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रथम किश्त 2000 रुपये कृषकों के खाते में पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। 31 मार्च तक खाते में यह धनराशि पहुंचाना निर्धारित किया गया है। किसानों का सत्यापन किसान पारदर्शी पोर्टल पर अपलोड सूची के आधार पर किया जा रहा है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने डीएम को निर्देशित किया कि जिन गांव और मजरों के राजस्व गांवों का पता नहीं चल पा रहा हो, वहां के पंजीकृत किसानों के मोबाइल नंबर से संपर्क कर राजस्व गांव की जानकारी प्राप्त की जाएगी। उसके बाद लेखपाल को सूची सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। कोई भी पात्र कृषक छूटना नहीं चाहिए। डाटा के साथ छेड़छाड़ न हो इसके लिए पोर्टल से ही सूची निकाली जाएगी। कोई डाटा संशोधित किया जाता है तो उसे उप कृषि निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर से पोर्टल पर सूचना विज्ञान अधिकारी के सहयोग से अपलोड कराया जाएगा। इस संबंध में मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने भी आदेश जारी किए हैं। सीडीओ पीसी जायसवाल ने उप कृषि निदेशक कार्यालय पहुंचकर योजना का फीडबैक लिया। तहसीलों से सत्यापन न होने की बात कही गई है। कृषि अधिकारी को तेज गति से कार्य करने के लिए निर्देशित किया है।
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