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जिला अस्पताल में खुले में पड़े है मरीजों के लगे सीरिंज और कैनूला

Mon, 24 Jul 2017 12:07 AM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:07 AM IST
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जिला अस्पताल में खुले में पड़े है मरीजों के लगे सीरिंज और कैनूला
बागपत।
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जिला अस्पताल में नियम और कायदों को ताख पर रख दिया गया है। मरीजों के उपचार के बाद वेस्ट सिरींज, कैनूला और स्कालवीन सेट को खुले में फेंका हुआ है। गंदे कपड़ों से दुर्गंध उठ रही है। डॉक्टर जानकर भी अनजान बने हुए हैं। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंगहोम संचालकों पर बॉयो वेस्ट प्रमाण पत्र और यंत्र स्थापित कराने के दबाव डाले जाते हैं। मुकदमे तक दर्ज करवा दिए जाते हैं, लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मरीजों को लगाने वाले वेस्ट सिरींज, कैनूला, स्कालवीन सेट और गंदे कपड़ों को खुले में फेंक दिया गया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। आवारा कुत्ते गंदे कपड़ों को लेकर इधर-उधर घूम रहे है। दुर्गंध से बुरा हाल है। अस्पताल के कर्मचारी और मरीजों के तीमारदारों को संक्रामक बीमारी होने का खतरा बना हुआ है। गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिला अस्पताल में संक्रमण फैलने की पूरी संभावना है। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने कहा कि सिनरजी वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी सभी सामान को उठाकर ले जाती है। कुछ दिनों से कंपनी की गाड़ी नहीं आ रही है, जिस कारण परेशानी है। वेस्ट मैनेजमेंट यंत्र नहीं लगा है। शासन से इसकी मांग की जा रही है। संक्रमण नहीं फैलने दिया जाएगा।
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प्रसव कक्ष और वार्ड के पास लगा कूड़े का ढेर
जिस स्थान पर वेस्ट सामान पड़ा हुआ है वहां से जज्चा-बच्चा वार्ड और प्रसव कक्ष ज्यादा दूर नहीं है। इससे महिला और नवजात बच्चे को संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। कूड़े के ढेर को उठवाने की व्यवस्था नहीं की गई तो जच्चा-बच्चा के बीमार होने की संभावना बढ़ जाएगी।
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सीएचसी के डॉक्टरों ने बताया मानवीय जीवन का खतरा
सीएचसी के चिकित्सकों ने दबी जुबां में कहा कि खुले में वेस्ट सामान डालना पूरी तरह गलत है। इससे स्वस्थ व्यक्ति को भी इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। वातावरण भी दूषित हो जाता है। इस तरह का कार्य मानवीय जीवन के लिए खतरा साबित हो सकता है। इसका उचित प्रबंध करना चाहिए। वहीं डॉ. ओमबीर ढाका ने कहा यह कार्य पूरी तरह गलत है। गंदे कपड़े सबसे ज्यादा खतरनाक रहते हैं। इसकी रिपोर्ट सरकार को देंगे।
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