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सरकारी स्कूलों और पंचायत घरों को बना दिया गोशाला
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बागपत। जिले के कई गांव में बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर सरकारी स्कूलों में बंद करने का सिलसिला जारी है। क्षेत्र के निबाला, भगोट के बाद दोघट, रमाला, सूप, छपरौली सहित कई गांवों में गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूलों व पंचायत घरों में बंद कर दिया। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों ने पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग की। साथ ही कहा सरकारी स्कूल तभी खुलने देंगे, जब आवारा गोवंशीय पशुओं को गोशाला में भिजवाया जाएगा। गांव क्यामपुर के प्राथमिक विद्यालय में बंद आवारा गोवंशीय पशुओं को सोमवार की रात में छोड़ दिया।
निबाली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बंद आवारा गोवंशी पशुओं को नहीं छोड़ा गया। ग्राम प्रधान रामपाल धामा ने बताया कि पशुओं के लिए चारे की पूरी व्यवस्था की हुई है। प्रशासन जल्द से जल्द पशुओं को गोशाला भिजवाने का व्यवस्था करें। स्कूल में गोवंशीय पशुओं के बंद रहने के कारण छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालय में पढ़ाई कराई जा रही है। भगोट गांव में खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंशीय पशुओं को तीसरे दिन भी पकड़ कर ग्रामीणों ने प्राइमरी स्कूल में बंद किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पशुओं को गौशाला में भिजवाने की मांग की। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा रमाला थाना क्षेत्र के सूप गांव में ग्रामीणों ने 50-60 गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर जूनियर हाईस्कूल में बंद कर दिया। ग्रामीण संसार, अमरपाल, ब्रहम पाल, अनिल, धर्मपाल, बाबू आदि ने बताया कि आवारा गोवंशीय पशुओं ने फसल बर्बाद कर दी है। इन्हें गौशालाओं में भिजवाया जाए। दोघट थाना क्षेत्र के इदरीशपुर गांव में ग्रामीणों ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर पंचायत घर में बंद कर दिया। ग्रामीण राजेंद्र, पप्पू, राजीव आदि ने बताया कि गोवंशीय पशुओं से किसान परेशान हैं। ग्राम प्रधान रामनाथ पंवार ने बताया कि पंचायत घर में बंद गोवंशीय पशुओं के लिए ग्रामीणों ने चारे की व्यवस्था कर दी है। जबकि इन्हें गोशाला में नहीं भिजवाया जाता, पशुओं को नहीं छोड़ेंगे।
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जनपद के कई गांवों में ग्रामीणों ने गोवंशी पशुओं को पकड़ कर सरकारी स्कूलों में बंद किया हुआ है। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द से जल्द पशुओं को गोशालाओं में नहीं भिजवाया तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी तरफ स्कूलों में बंद पशु सर्दी में ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। कई गोवंशीय पशु बीमार हो गए हैं। सूचना देने के बाद भी पशु पालन विभाग की टीम भी कोई सुध नहीं ले रही है। क्यामपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पांच दिन से बंद बेसहारा गोवंशीय पशुओं को सोमवार की रात अज्ञात ग्रामीणों ने स्कूल का ताला तोड़कर आजाद कर दिया। ग्रामीणों को कहना है कि प्रशासन जल्दी ही पशुओं का प्रबंध करें, नहीं तो फिर से पकड़ कर स्कूल में बंद कर देंगे।
गोवंश आश्रय केंद्र के निर्माण में तेजी
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मीतली गांव में गोवंश आश्रय केंद्र का निर्माण तेजी से चल रहा है। 60 बीघा भूमि पर गोशाला बनाई जा रही है। इसके बनने के लिए जनपद में गोवंशीय पशुओं का प्रबंध हो सकेगा। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा ने बताया कि जेसीबी मशीन से भूमि समतलीकरण का कार्य चल रहा है। गोशाला में एक हजार गोवंशीय पशुओं को रखने की क्षमता होगी।
राजकीय पशु चिकित्सालय में बंद कर दिए गोवंश
छपरौली (बागपत)। कस्बे में ग्रामीणों ने आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर राजकीय पशु चिकित्सालय में बंद कर दिया। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, जयपाल सिंह, वीरेंद्र, हरबीर सिंह, जितेंद्र, सुखपाल सिंह आदि ने बताया कि 70-80 पशुओं को पकड़ा है। कस्बे व जंगल में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को पकड़ने के लिए ग्रामीण जुटे हैं। पशु चिकित्सालय को गोशाला बनाया। ग्रामीण चंदा एकत्रित कर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर रहे हैं।
निरपुड़ा के इंटर कॉलेज में बंद करेंगे गोवंशीय पशु
दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव के दयानंद आर्य वैदिक कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आवारा गोवंशीय पशुओं को लेेकर पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि गोवंशीय पशुओं से किसान परेशान हैं। पंचायत में निर्णय लिया कि बुधवार को खेतों में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर इंटर कालेज में बंद करेंगे। इसकी अध्यक्षता जगदीश सिंह ने की। संचालन बिजेंद्र सिंह राणा ने किया। इसमें नहार सिंह, तेजपाल, ब्रजपाल, अंकुर उपाध्याय, धन सिंह, जगमेहर, वीरपाल, हरपाल, हबीब, राजेंद्र, सुरेंद्र, महेंद्र, विकास, जवाहर आदि रहे।
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निबाली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बंद आवारा गोवंशी पशुओं को नहीं छोड़ा गया। ग्राम प्रधान रामपाल धामा ने बताया कि पशुओं के लिए चारे की पूरी व्यवस्था की हुई है। प्रशासन जल्द से जल्द पशुओं को गोशाला भिजवाने का व्यवस्था करें। स्कूल में गोवंशीय पशुओं के बंद रहने के कारण छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालय में पढ़ाई कराई जा रही है। भगोट गांव में खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंशीय पशुओं को तीसरे दिन भी पकड़ कर ग्रामीणों ने प्राइमरी स्कूल में बंद किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पशुओं को गौशाला में भिजवाने की मांग की। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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इसके अलावा रमाला थाना क्षेत्र के सूप गांव में ग्रामीणों ने 50-60 गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर जूनियर हाईस्कूल में बंद कर दिया। ग्रामीण संसार, अमरपाल, ब्रहम पाल, अनिल, धर्मपाल, बाबू आदि ने बताया कि आवारा गोवंशीय पशुओं ने फसल बर्बाद कर दी है। इन्हें गौशालाओं में भिजवाया जाए। दोघट थाना क्षेत्र के इदरीशपुर गांव में ग्रामीणों ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर पंचायत घर में बंद कर दिया। ग्रामीण राजेंद्र, पप्पू, राजीव आदि ने बताया कि गोवंशीय पशुओं से किसान परेशान हैं। ग्राम प्रधान रामनाथ पंवार ने बताया कि पंचायत घर में बंद गोवंशीय पशुओं के लिए ग्रामीणों ने चारे की व्यवस्था कर दी है। जबकि इन्हें गोशाला में नहीं भिजवाया जाता, पशुओं को नहीं छोड़ेंगे।
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जनपद के कई गांवों में ग्रामीणों ने गोवंशी पशुओं को पकड़ कर सरकारी स्कूलों में बंद किया हुआ है। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द से जल्द पशुओं को गोशालाओं में नहीं भिजवाया तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी तरफ स्कूलों में बंद पशु सर्दी में ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। कई गोवंशीय पशु बीमार हो गए हैं। सूचना देने के बाद भी पशु पालन विभाग की टीम भी कोई सुध नहीं ले रही है। क्यामपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पांच दिन से बंद बेसहारा गोवंशीय पशुओं को सोमवार की रात अज्ञात ग्रामीणों ने स्कूल का ताला तोड़कर आजाद कर दिया। ग्रामीणों को कहना है कि प्रशासन जल्दी ही पशुओं का प्रबंध करें, नहीं तो फिर से पकड़ कर स्कूल में बंद कर देंगे।
गोवंश आश्रय केंद्र के निर्माण में तेजी
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मीतली गांव में गोवंश आश्रय केंद्र का निर्माण तेजी से चल रहा है। 60 बीघा भूमि पर गोशाला बनाई जा रही है। इसके बनने के लिए जनपद में गोवंशीय पशुओं का प्रबंध हो सकेगा। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा ने बताया कि जेसीबी मशीन से भूमि समतलीकरण का कार्य चल रहा है। गोशाला में एक हजार गोवंशीय पशुओं को रखने की क्षमता होगी।
राजकीय पशु चिकित्सालय में बंद कर दिए गोवंश
छपरौली (बागपत)। कस्बे में ग्रामीणों ने आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर राजकीय पशु चिकित्सालय में बंद कर दिया। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, जयपाल सिंह, वीरेंद्र, हरबीर सिंह, जितेंद्र, सुखपाल सिंह आदि ने बताया कि 70-80 पशुओं को पकड़ा है। कस्बे व जंगल में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को पकड़ने के लिए ग्रामीण जुटे हैं। पशु चिकित्सालय को गोशाला बनाया। ग्रामीण चंदा एकत्रित कर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर रहे हैं।
निरपुड़ा के इंटर कॉलेज में बंद करेंगे गोवंशीय पशु
दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव के दयानंद आर्य वैदिक कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आवारा गोवंशीय पशुओं को लेेकर पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि गोवंशीय पशुओं से किसान परेशान हैं। पंचायत में निर्णय लिया कि बुधवार को खेतों में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर इंटर कालेज में बंद करेंगे। इसकी अध्यक्षता जगदीश सिंह ने की। संचालन बिजेंद्र सिंह राणा ने किया। इसमें नहार सिंह, तेजपाल, ब्रजपाल, अंकुर उपाध्याय, धन सिंह, जगमेहर, वीरपाल, हरपाल, हबीब, राजेंद्र, सुरेंद्र, महेंद्र, विकास, जवाहर आदि रहे।