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किसानों ने लखनऊ में किया आमरण अनशन शुरू
Updated Wed, 23 May 2018 12:56 AM IST
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दोघट (बागपत)। बामनौली के किसानों ने लखनऊ में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चकबंदी से आहत किसान पिछले आठ दिन से धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें जमीन नहीं मिल जाती, तब तक वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
बामनौली के किसान राजीव, मास्टर खिलारी, महेश पाल, राजेंद्र, राजू व मास्टर राजपाल पिछले आठ दिन से लखनऊ में धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को ईको गार्डन लखनऊ में किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। किसानों ने बताया कि चकबंदी में उनकी जमीन नहीं दी गई। चकबंदी अधिकारियों ने गलत तरीके से चकों का आवंटन किया है। सैकड़ों किसानों के हवाई चक काट दिए। किसान अपनी ही जमीन के लिए अधिकारियों के दफ्तरों में एड़ी रगड़ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। चकबंदी अधिकारियों को रिश्वत देते-देते किसान कर्जदार हो गए हैं। एक किसान आत्महत्या भी कर चुका है। जब तक दोषी चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और किसानों को उनकी जमीन पर काबिज नहीं कराया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। आठ दिन से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने आकर उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि सीएम को भी मामले से अवगत कराया जाएगा।
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बामनौली के किसान राजीव, मास्टर खिलारी, महेश पाल, राजेंद्र, राजू व मास्टर राजपाल पिछले आठ दिन से लखनऊ में धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को ईको गार्डन लखनऊ में किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। किसानों ने बताया कि चकबंदी में उनकी जमीन नहीं दी गई। चकबंदी अधिकारियों ने गलत तरीके से चकों का आवंटन किया है। सैकड़ों किसानों के हवाई चक काट दिए। किसान अपनी ही जमीन के लिए अधिकारियों के दफ्तरों में एड़ी रगड़ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। चकबंदी अधिकारियों को रिश्वत देते-देते किसान कर्जदार हो गए हैं। एक किसान आत्महत्या भी कर चुका है। जब तक दोषी चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और किसानों को उनकी जमीन पर काबिज नहीं कराया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। आठ दिन से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने आकर उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि सीएम को भी मामले से अवगत कराया जाएगा।
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