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रने के बाद भी जिंदा रहेंगी इंदु की आंखे
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:37 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सुलतान गंज मंडी बड़ौत में इंदु जैन की मरणोपरांत दोनों आंखें दान कराई। इनकी आंखों से दो नेत्रहीन दुनिया देख सकेंगे। भारत विकास परिषद के नेत्रदान जागरूकता अभियान से प्रेरणा लेकर इंदु जैन पत्नी हंस कुमार जैन निवासी सुलतान गंज मंडी ने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा था। मंगलवार को 48 वर्ष की आयु में इंदु जैन की मौत हो गई। निधन के बाद पुत्र शुभम जैन, रिषभ जैन और पारस जैन ने उनके नेत्रदान करने के संकल्प को भारत विकास परिषद के सहयोग से पूरा कराया। सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ से आई चिकित्सकों की टीम ने इंदु जैन की दोनों आंखों के कोर्निया को सुरक्षित निकाला। इंदु के दोनों कोर्निया को दो नेत्रहीन व्यक्ति को लगाया जाएगा। इस मौके पर आलोक जैन, अनुराग जैन, पारुल जैन, संजय जैन, अतुल जैन, विशाल, वर्षा, प्रदीप जैन, संजय जैन, योगेश जैन आदि रहे।
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सुलतान गंज मंडी बड़ौत में इंदु जैन की मरणोपरांत दोनों आंखें दान कराई। इनकी आंखों से दो नेत्रहीन दुनिया देख सकेंगे। भारत विकास परिषद के नेत्रदान जागरूकता अभियान से प्रेरणा लेकर इंदु जैन पत्नी हंस कुमार जैन निवासी सुलतान गंज मंडी ने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा था। मंगलवार को 48 वर्ष की आयु में इंदु जैन की मौत हो गई। निधन के बाद पुत्र शुभम जैन, रिषभ जैन और पारस जैन ने उनके नेत्रदान करने के संकल्प को भारत विकास परिषद के सहयोग से पूरा कराया। सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ से आई चिकित्सकों की टीम ने इंदु जैन की दोनों आंखों के कोर्निया को सुरक्षित निकाला। इंदु के दोनों कोर्निया को दो नेत्रहीन व्यक्ति को लगाया जाएगा। इस मौके पर आलोक जैन, अनुराग जैन, पारुल जैन, संजय जैन, अतुल जैन, विशाल, वर्षा, प्रदीप जैन, संजय जैन, योगेश जैन आदि रहे।