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Azamgarh News: हर छह मीटर पर कस्बे में लगे मिलेंगे बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभे

Wed, 14 Oct 2026 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:37 AM IST
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You will find electricity and street light poles installed every six meters in the town.
निजामाबाद में एक ही स्थान पर लगे छह नियम विरुद्ध पोल। संवाद
रानी की सराय। निजामाबाद नगर पंचायत में आपको हर छह मीटर पर एक खंभा गड़ा हुआ मिलेगा। कई जगह तो ऐसी हैं, जहां छह से सात खंभे तक गाड़े गए हैं। नगर पंचायत क्षेत्र करीब एक किलोमीटर के दायरे में स्थित है।
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इस एक किलोमीटर क्षेत्र में कदम-कदम पर लगे पोल अनियमित विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं। नगर पंचायत निजामाबाद को आदर्श नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त है। लेकिन अगर निजामाबाद नगर पंचायत की स्थिति देखें तो जनता के पैसे की बर्बादी को आसानी से देखा जा सकता है।
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रानी की सराय से निजामाबाद जाने वाले मार्ग पर स्थित महाकवि हरिऔध जी की प्रतिमा से फरहाबाद मोड़ की कुल दूरी एक किलोमीटर है। इस दूरी में ही आदर्श नगर पंचायत के विकास कार्य आसानी से दिख जाएंगे। इस विकास को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि नगर पंचायत ने विकास का पूरा पैसा विद्युत और प्रकाश पर ही खत्म कर दिया है।
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इतनी दूरी में देखें तो विद्युत पोल और स्ट्रीट लाइट के खंभों का जाल बिछा हुआ है। कई जगहों पर तो छह से सात पोल तक लगा दिए गए हैं। मुख्य मार्ग पर ही सड़क के एक तरफ 38 तो दूसरी तरफ 65 पोल लगाए गए हैं।
इसके बाद भी निजामाबाद मोड़ से हरिऔध जी की मूर्ति तक रात में अंधेरा ही पसरा नजर आता है। इसके अलावा फरहाबाद मोड़ से अंदर जाने वाले लगभग 100 मीटर लंबे मार्ग पर हर छह मीटर पर लगभग 25 से 30 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
इस गली को रोशन करने के लिए 10 से 12 लाइटें भी पर्याप्त हो सकती थीं। इसके बाद भी इतनी स्ट्रीट लाइटें लगाना समझ से परे है। कस्बे के सुदर्शन कुमार, संतोष सोनकर, साधु सोनकर, मिठाई प्रजापति, रमेश चंद, गुल्लू आदि का कहना है कि छह महीने पहले इन लाइटों को लगाया गया, लेकिन अब तक इनसे रोशनी नहीं हुई है।
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क्या हैं स्ट्रीट लाइट लगाने के नियम
- आवासीय या संकरी गलियां : इन जगहों पर पोल की ऊंचाई कम (करीब 4 से 8 मीटर) होती है, इसलिए लाइटों के बीच की दूरी 8 से 35 मीटर के बीच रखी जाती है।
- शहरी और मुख्य सड़कें : सामान्य शहरी सड़कों पर पोल की ऊंचाई 8 से 10 मीटर होती है और इनके बीच की दूरी 25 से 45 मीटर तक होती है।
- राजमार्ग : चौड़े हाईवे या औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पोल (10 से 12 मीटर ऊंचे) लगाए जाते हैं और इनके बीच की दूरी 40 से 65 मीटर तक हो सकती है।
- नियम का मुख्य सूत्र : तकनीकी नियमों के अनुसार, पोल के बीच की दूरी उनकी ऊंचाई से 3 से 3.5 गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि सड़क पर एकसमान रोशनी बनी रहे और अंधेरे हिस्से न बचें।
- विशेष स्थान : चौराहों, टर्न (मोड़) और पैदल पार पथ पर सुरक्षा के कारण पोल थोड़ी कम दूरी पर लगाए जाते हैं।
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बोले लोग
- फोटो संख्या- निजामाबाद टाउन एरिया में छह महीने से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। कई बार शिकायत करने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
संतोष कुमार, निजामाबाद।
- फोटो संख्या- कस्बे में बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन तार जगह-जगह लटक रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
गुल्लू कुमार, निजामाबाद।
- फोटो संख्या- कबीरपुर में एक सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया गया है। कहा जा रहा है कि इस व्यवस्था में मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

सुदर्शन कुमार, निजामाबाद।
00वर्जन
स्ट्रीट लाइट लगाने का 21 मीटर का नियम है। अगर नगर पंचायत में छह मीटर पर खंभे लगाए गए हैं तो इसे देखने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। -विक्रम कुमार, ईओ नगर पंचायत निजामाबाद।

निजामाबाद में एक ही स्थान पर लगे छह नियम विरुद्ध पोल। संवाद

निजामाबाद में एक ही स्थान पर लगे छह नियम विरुद्ध पोल। संवाद

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