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विश्व कुश्ती दिवस: काशी में सौ से ज्यादा अखाड़े, 2 ओलंपियन भी निकले; रामकुंड में चंद्रशेखर आजाद करते थे अभ्यास
Thu, 23 May 2024 06:44 PM IST
प्रगति चंद
नीलांबुज तिवारी, वाराणसी।
नीलांबुज तिवारी, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 23 May 2024 06:44 PM IST
सार
काशी में 100 से ज्यादा अखाड़े हैं। यहीं से दो ओलंपियन भी निकले हैं। जिले के रामकुंड अखाड़े का संबंध अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद से भी है। वे इसी अखाड़े में कुश्ती का अभ्यास करते थे।
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रामकुंड स्थित पन्नालाल अखाड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पर्यटन और संस्कृति की राजधानी काशी पारंपरिक कुश्ती के लिए भी जानी जाती है। यहां 100 से ज्यादा अखाड़े हैं। लक्सा क्षेत्र के रामकुंड मोहल्ला स्थित पन्नालाल अखाड़े से दो ओलंपियन कुश्ती खिलाड़ी निकले हैं। इस अखाड़े का संबंध अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद से है। यहां चंद्रशेखर आजाद कुश्ती का अभ्यास करते थे। उनकी स्मृतियां यहां सहेज कर रखी हैं।
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अखाड़े की देखभाल करने वाले विनोद कनौजिया ने बताया कि यहां से निकले तीन पहलवानों ने 1880 में तीन अखाड़ों की स्थापना की। इसमें जग्गू सेठ ने घुघुरानी गली, पंडाजी ने बांसफाटक और राम सिंह ने बेनियाबाग में अखाड़ा बनाकर कुश्ती प्रतियोगिता शुरू कराई। उन्होंने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद बाद महामना पंडित मदन मोहन मालवीय रामकुंड आए थे।
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उन्होंने पन्नालाल से बीएचयू के छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने उम्र कहा हवाला देते हुए राम सेवक पहलवान को नामित किया। राम सेवक पहलवान ने बीएचयू परिसर स्थित शिवाजी हॉल में छात्रों को कुश्ती का प्रशिक्षण देने लगे। इस अखाड़े का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष सितंबर माह नवरात्र के तीसरे दिन मनाया जाता है। गोस्वामी तुलसी दास ने काशी में युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तुलसी घाट पर अखाड़े की स्थापना करीब 450 वर्ष पूर्व की थी। दस वर्ष पहले इस अखाड़े में महिला खिलाड़ियों को प्रवेश दिया गया। यहां प्रतिदिन 40 महिला पुरुष खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
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रामकुंड से निकले पहलवानों ने शुरू की अखाड़ों की शृंखला
रामकुंड के पन्नालाल अखाड़े ने देश को राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी दिए। कुश्ती कोच गोरख यादव ने बताया कि राम सिंह अखाड़े ने देश को कई ओलंपियन दिए हैं। इसमें लक्ष्मीकांत पांडेय, चिक्कन गुरू, भार्गव और चोलापुर के नरसिंह यादव जैसे नाम शामिल हैं। बेनिया बाग के राम सिंह अखाड़े के पहलवान अशोक यादव ने एशियाई खेलों में पदक जीता था।
ये हैं प्रमुख अखाड़े
तुलसी घाट का स्वामीनाथ, रामकुंड का पन्नालाल, बेनियाबाग का राम सिंह, बांसफाटक का पंडाजी, लालपुर का खेलो इंडिया, बरेका, कज्जाकपुरा का गया सेठ, सारनाथ का सारंगनाथ, नैपुरा का भीतराघानंद, बीएचयू में शिवाजी हॉल, चौबेपुर का बजरंग नगर, राजातालाब का मुंगवार और गौरा का वीरलोरिक अखाड़ा प्रमुख है।
ये हैं प्रमुख अखाड़े
तुलसी घाट का स्वामीनाथ, रामकुंड का पन्नालाल, बेनियाबाग का राम सिंह, बांसफाटक का पंडाजी, लालपुर का खेलो इंडिया, बरेका, कज्जाकपुरा का गया सेठ, सारनाथ का सारंगनाथ, नैपुरा का भीतराघानंद, बीएचयू में शिवाजी हॉल, चौबेपुर का बजरंग नगर, राजातालाब का मुंगवार और गौरा का वीरलोरिक अखाड़ा प्रमुख है।