{"_id":"6254772e21184626d8317550","slug":"women-s-help-desk-full-of-complaints-of-molestation-harassment-azamgarh-news-vns6478388195","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़खानी, उत्पीड़न की शिकायतों की महिला हेल्प डेस्क पर भरमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छेड़खानी, उत्पीड़न की शिकायतों की महिला हेल्प डेस्क पर भरमार
विज्ञापन
आजमगढ़। थानों पर स्थापित हुआ महिला हेल्प डेस्क वास्तव में महिलाओं की समस्याओं के निदान में काफी कारगर साबित हो रहा है। इन हेल्प डेस्क पर अब प्रतिदिन दो से चार शिकायतें पहुंच है। जिसमें सर्वाधिक मामले उत्पीड़न व छेड़खानी से संबंधित है। इसके अलावा भी मारपीट, दुष्कर्म आदि की भी इक्का-दुक्का शिकायते लेकर थानों पर अब महिलाएं व युवतियां पहुंचने लगी है। थानों पर पुरुष प्रधान व्यवस्था होने के चलते पूर्व में महिलाएं व युवतियां अपनी शिकायतों को लेकर थानों पर नहीं पहुंच पाती थी। इसके पीछे कारण यह होता था कि वे कैसे अपनी बातों व समस्याओं को पुलिस पुलिस कर्मियों के समक्ष कहेंगी। जिसके चलते महिलाओं व युवतियों का उत्पीड़न होता रहता था और पुलिस महकमा मूकदर्शक बना रहता था।
शासन महिलाओं से जुड़े अपराधों पर लगाम व शिकायत थानों तक पहुंचाने को लेकर प्रत्येक थाने पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना कराया। इस हेल्प डेस्क पर महिला आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई है। थाने पर शिकायत लेकर पहुंचने वाली महिलाओं अथवा युवतियों ने हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षी ही बात करती है और उनकी समस्याओं को नोट कर उचित कार्रवाई भी कराती है। थानों पर स्थापित हुआ महिला हेल्प डेस्क निश्चित तौर पर महिलाओं व युवतियों के लिए काफी लाभप्रद साबित हो रहा है।
हर माह आती है 15 से 20 शिकायतें
अहरौला। थाने पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर प्रति माह औसतन 15 से 20 शिकायतें आती है। जिसमें ज्यादातर छेड़खानी व उत्पीड़न की होती है। हर माह आने वाले शिकायतों का त्वरित निस्तारण करा दिया जाता है। सोमवार को महिला हेल्प डेस्क पर तैनात आरक्षी परीक्षा ड्यूटी के कारण मौजूद नहीं मिली। दीवान कृष्णकांत यादव ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन
एक माह में आई 28 शिकायतें, 24 निस्तारित
लाटघाट। रौनापार थाने पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर भी लगातार शिकायतें आ रही है। युवतियां व महिलाएं अब अपनी समस्या लेकर पहुंच रही है। बीते 9 माच से 10 अप्रैल के बीच महिला हेल्प डेस्क पर कुल 28 शिकायत प्रस्तुत किए गए। जिसमें 24 का निस्तारण कर दिया गया है। सोमवार को हेल्प डेस्क पर कोई भी शिकायत नहीं आई।
विज्ञापन
शासन महिलाओं से जुड़े अपराधों पर लगाम व शिकायत थानों तक पहुंचाने को लेकर प्रत्येक थाने पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना कराया। इस हेल्प डेस्क पर महिला आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई है। थाने पर शिकायत लेकर पहुंचने वाली महिलाओं अथवा युवतियों ने हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षी ही बात करती है और उनकी समस्याओं को नोट कर उचित कार्रवाई भी कराती है। थानों पर स्थापित हुआ महिला हेल्प डेस्क निश्चित तौर पर महिलाओं व युवतियों के लिए काफी लाभप्रद साबित हो रहा है।
विज्ञापन
हर माह आती है 15 से 20 शिकायतें
अहरौला। थाने पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर प्रति माह औसतन 15 से 20 शिकायतें आती है। जिसमें ज्यादातर छेड़खानी व उत्पीड़न की होती है। हर माह आने वाले शिकायतों का त्वरित निस्तारण करा दिया जाता है। सोमवार को महिला हेल्प डेस्क पर तैनात आरक्षी परीक्षा ड्यूटी के कारण मौजूद नहीं मिली। दीवान कृष्णकांत यादव ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन
एक माह में आई 28 शिकायतें, 24 निस्तारित
लाटघाट। रौनापार थाने पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर भी लगातार शिकायतें आ रही है। युवतियां व महिलाएं अब अपनी समस्या लेकर पहुंच रही है। बीते 9 माच से 10 अप्रैल के बीच महिला हेल्प डेस्क पर कुल 28 शिकायत प्रस्तुत किए गए। जिसमें 24 का निस्तारण कर दिया गया है। सोमवार को हेल्प डेस्क पर कोई भी शिकायत नहीं आई।